बेकरी से एडिडास तक का सफर

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Journey from bakery to adidas
एडिडास कंपनी के बारे में आज कौन नहीं जानता। स्पोर्ट्सवियर बनाने के मामले में एडिडास विश्व में दूसरे स्थान पर है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस कंपनी को बनाने वाले अडोल्फ ने बेकरी का काम सीखा था। उसके बाद बंद पड़ी लांड्री से इतना बड़ा साम्राज्य स्थापित किया। अडोल्फ डेजलर एडिडास कंपनी के संस्थापक थे। एडोल्फ डैजलर का जन्म न्यूरमबर्ग के बाहर लगभग 20 किमी दूर एक छोटे से शहर फ्रेंकोनियन शहर, जर्मनी में 3 नवंबर 1900 को हुआ था। अडोल्फ के बचपन में ही औद्योगिक उत्पादकों से प्रतिस्पर्धा के कारण स्थानीय कपड़ा उद्योग का पतन हो गया और एक मोची बनने के लिए आवश्यक जटिल सिलाई कौशल सीखना शुरू किया और एक स्थानीय कारखाने में रोजगार प्राप्त किया।
अंत में उन्होंने चप्पल बनाने में महारत हासिल कर ली। ऐसे में एडी ने जूते बनाने का काम शुरू किया। युद्ध में सब कुछ तबाह हो चुका था। एडी काम तो करना चाहता था लेकिन उसके पास काम करने के लिए ना महंगी मशीन थी और ना ही जरूरत का सामान। घर का खर्च भी चलाना था। ऐसे में एडी के सामने एक बड़ी चुनौती थी लेकिन एडी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने युद्धग्रस्त देश में सेना के मलबे को खंगालना शुरू किया। जिसमें उन्होंने सैनिकों के हेलमेट, ब्रेड के पाउच और पैराशूट के कपड़े मिले और उन्होंने उनका प्रयोग टूटे हुए जूते-चप्पलों की मरम्मत में किया। जिस से उनके घर का खर्च निकल सके। इसके साथ ही उन्होंने मशीन का भी जुगाड़ किया और अपना काम बढ़ाना शुरू किया। वो ऐसे जूते बनाने की कोशिश करते जो हलके हों और मजबूत हों। जिस से पहनने वाले खिलाड़ी का प्रदर्शन अच्छा हो सके। सन 1924 में एडोल्फ ने डेजलर ब्रदर्स स्पोर्ट्स शू फैक्ट्री रजिस्टर करवा ली। एडी की कंपनी के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर होने के दो कारण थे।
पहला कारण थे जर्मन ओलंपिक ट्रैक-एंड-फील्ड टीम के कोच, जोसेफ वेइटर। जिन्होंने जब उनके जूतों के बारे में सुना तो उनसे मिलने खुद गए। वे उनके जूतों का डिजाईन देख कर इतने खुश हुए कि उन्होंने सन 1936 में होने वाले बर्लिन ओलंपिक्स में उन्होंने ये अडोल्फ के हाथ के बने हुए जूते जेस्सी ओवेंस को पहनाये। जेस्सी ओवेंस ने ये जूते पहन कर दौड़ प्रतियोगिता और लंबी कूद में कुल मिलाकर 4 गोल्ड मैडल जीते। इस तरह एडी के जूते को एक नयी पहचान मिली।ऐसा नहीं था कि पहली बार उनके जूते किसी बड़ी प्रतिस्पर्धा में पहने गए थे। इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सन 1928 में एमस्टर्डम ओलिम्पिक में खिलाड़ियों ने अडोल्फ डैजलर द्वारा बनाये गए जूते पहने थे। इंटरनेशनल ब्रांड बनने का एक और बड़ा कारण था दोनों भाई का अडोल्फ हिटलर की नाजी पार्टी में शामिल होना। नाजी पार्टी में तीनों भाई शामिल हो गए। एडी ने हिटलर द्वारा चलाये गए यूथ मूवमेंट का फायदा उठाया और इस मूवमेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को जूते दिलवा कर अपना ब्रांड बड़ा किया।

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