जीव सुरक्षा मुहिम: डेरा श्रद्धालु बेजुबानों का बांट रहे दर्द

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Humanity

इंसानियत। ब्लॉक कल्याण नगर के सेवादारों ने दलदल में धसी गाय को निकाला बाहर (Humanity)

सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए पशु-पक्षियों व जीव-जंतुओं से भी उतना ही प्रेम करते हैं जितना वे इन्सानों से करते हंै। डेरा सच्चा सौदा द्वारा घायल पशुओं की देखभाल के लिए ‘जीव सुरक्षा’ मुहिम चलाई जा रही है। जिसके तहत सेवादारों द्वारा अपनी खर्च पर आवारा व बीमार पशु पक्षियों का इलाज करवाया जाता है। ब्लॉक कल्याण नगर के सेवादार भी इसी मुहिम के तहत हर रोज बेजुबानों का दर्द बांटने में जुटे हुए हैं। सर्दी के इस मौसम में ब्लॉक के सेवादारों ने रात भर से खेतों में बनी दलदल में धसी एक गाय को बाहर निकाला तथा उसका उपचार करवाया। इसके पश्चात उसे गौशाला में भिजवाकर इन्सानियत का फर्ज निभाया। सेवादारों के इस सेवाभावना की आस-पास के लोगों ने काफी सराहना की।

गाय का उपचार करवाकर भिजवाया गौशाला

हुआं यूं कि कल्याण नगर निवासी डेरा श्रद्धालु ईश्वर कालड़ा शुक्रवार को अल सुबह कल्याण नगर गली नम्बर 5 में पैदल घूमने के लिए निकले। जब वह घूमते हुए गली में भारतनगर क्षेत्र में पहुंचे तो देखा कि एक गाय दलदल में धसी हुई है। इसके पश्चात उन्होंने ब्लॉक कल्याण नगर के 15 मैम्बर प्रवीन इन्सां को इसकी जानकारी दी। सूचना पाकर 15 मेंबर प्रवीन इन्सां, सेवादार अश्वनी इन्सां, प्रदीप इन्सां, रोहित वालिया, साहिल इन्सां व खुशप्रीत इन्सां मौके पर पहुंचे और रस्सी के सहारे गाय को दल-दल से बाहर निकाला और फिर गाय को हरा चारा, तूड़ी व पानी पिलाया। इसके पश्चात गौरक्षादल के सदस्यों को सूचना दी और डॉक्टर को बुलाकर उसे इंजेक्शन लगवाया। बाद में उसे गौशाला में भेज दिया गया। वहीं इस दौरान सेवादारों ने एक छोटे कुत्ते को भी बाहर निकाला और उसका उपचार करवाया।

पूज्य गुरु जी से मिली जीवों से प्यार करने की शिक्षा: प्रवीन इन्सां

15 मैम्बर प्रवीन इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु जी ने हमें सिखाया है कि जैसे हम इन्सानों से प्यार करते हैं, वैसे ही हमें पशु-पक्षियों से प्यार करना चाहिए। इन्ही शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक के सेवादारों ने रातभर से खेतों की दलदल में धसी गाय को बाहर निकाला और उसका उपचार भी करवाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सेवादारों ने दर्जनों पशुओं की देखभाल कर चुके हैं।

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