मुख्यधारा में लौटेंगे प्रदेश के घुमंतू व भिखारी बच्चे

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  • प्रयास| भीख मांगने व गलियों में घूमने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाने की कवायद
  • प्रदेश सरकार ने तैयार किया डाटा बेस
  • अब तैयार होगा योजना का खाका

ChandiGarh, SachKahoon News: प्रदेश सरकार ने बच्चों का सर्वांगीण विकास करने के उद्देश्य से भीख मांगने वाले व गलियों में घुमने वाले बच्चों का डाटा बेस तैयार किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने बताया कि डाटा बेस के आधार पर ही राज्य सरकार योजना तैयार करेगी और आवश्यकतानुसार उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराकर समाज की मुख्य धारा में ला सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार काम कर रही है। कविता जैन ने कहा कि विशेष गृह जेल नहीं है बल्कि यह बच्चों में सुधार लाने का एक केन्द्र है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष तक जो बच्चें जाने अनजाने में गलतियां कर देते हैं उन्हें अपराध कर श्रेणी में नहीं माना जाता बल्कि विशेष गृहों में रखकर प्रयास किया जाता है कि वे अपनी पिछली गलतियों को भूलकर समाज व देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। श्रीमती जैन आज विशेष गृह का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि बच्चों को गोद देने के प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है ताकि अनाथ बच्चों को कोई न कोई घर मिल सके। इस संबंध में उन्होंने बाल ग्राम राई का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि अन्य सुविधाओं के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे के सिर पर छत भी हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के विरूद्ध अपराध को रोकने के लिए पोस्को एक्ट को भी कढाई से लागू किया जा रहा है।

प्रदेश में हैं 77 बाल सरंक्षण संस्थान
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि इस प्रकार के बच्चों को सरंक्षण प्रदान करने और उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए प्रदेश में 77 बाल सरंक्षण संस्थान काम कर रहे हैं। आपरेशन मुस्कान को केन्द्र सरकार का महत्वाकांशी कार्यक्रम बताते हुए कविता जैन ने कहा कि हरियाणा में भी इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे लावारिस स्थिति में मिलते है उन्हें बाल सरंक्षण संस्थान में रखा जाता है और पूरी कोशिश रहती है कि ऐसे बच्चों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया जा सके।