इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे

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    क्या जाना है साथ तो खुश रहिए जनाब

    हर वर्ष 20 मार्च को इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस 2020 को आप अपने जीवन में हैप्पीनेस लाने के लिए क्या करने जा रहे हैं इस बारे में जरूर सोचें। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाने का उद्देश्य यह है कि आप अपने नजरिए को इस तरह बदले कि आपके जीवन में खुशी का महत्व बढ़ता जाए।

    हाल ही के दिनों में कोरोना वायरस जैसी भंयकर बीमारी ने पूरे विश्व को चिंताग्रस्त कर रख दिया है। ऐसे समय में सबसे मुश्किल काम खुश रहना है और हर कोई व्यक्ति किसी न किसी बात पर उदास या दुखी रहता है। लेकिन जिंदगी को पूरी तरह खुल के जीने के लिए आपको हर हालात में खुश रहना चाहिए। खुश रहने से ना सिर्फ स्वास्थ्य अच्छा रहता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी आप बेहतर निर्णय ले पाते हैं। जिससे सफलता आपके कदम छूने लगती है। किसी भी देश या समाज का आर्थिक विकास हो लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है की लोग खुश रहें। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाने का यह मतलब नहीं है कि आप सिर्फ आज के दिन ही खुश रहने की कोशिश कर सकते हैं। इंटरनेशनल हैप्पीनेस-डे मानने का उद्देश्य यह है कि आप खुशी के महत्व को समझें।

    खुश रहने से आपकी सेहत पर पड़ता है सकारात्मक असर हमारे आस-पास कई चीजें होती हैं जो खुशी और तनाव को नियंत्रित करती हैं। जिसके अनुसार हमारा शरीर प्रतिक्रिया देता है। स्वस्थ और खुश रहने के लिए भावनात्मक रुप से स्वस्थ रहना भी जरुरी होता है। व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के

    शरीर पर प्रभाव डालता है। इसलिए व्यक्ति को जीवन में चल रही चीजों का ध्यान रखना चाहिए। खुश रहना आपके इम्यून सिस्टम करने में मदद करता है।

    महतपूर्ण है इंटरनेशनल हैप्पीनेस-डे

    इंसानी जिन्दगी और सभ्य समाज में खुशहाली कितनी जरूरी है यह दिन इसी की याद दिलाता है। साल 2013 से संयुक्त राष्ट्र हर साल इस दिवस को मनाता आ रहा है ताकि दुनिया भर में रह रहे लोगों की खुशी के महत्व को जाहिर किया जा सके। इसके अलावा यह दिवस समावेशी, न्यायोचित और संतुलित आर्थिक विकास की जरूरत पर बल देता है जिससे सतत तरक्की, गरीबी उन्मूलन और सभी की खुशहाली व सुख को सुनिश्चित किया जा सके।

    ये हैं दुनिया के पाँच सबसे ज्यादा खुशहाल देश

    1. फिनलैंड

    खुश रहने की सूची में 2019 में भी सबसे पहला नाम फिनलैंड का ही आता है। इस देश की कुल आबादी 55 लाख है। संगठित क्राइम तो यहां न के बराबर है। पुलिस बहुत भरोसेमंद और सक्षम है। यहां की पुलिस और इंटरनेट सुरक्षा को दुनिया में दूसरे नंबर पर माना जाता है। कानून का पालन सख्ती से होता है, लेकिन यहां भी ध्यान में रखने वाली बात है कि यहां के नागरिक राजनीतिक, कानून और पुलिस व्यवस्था के भरोसा रखने वालों में नंबर एक की स्थिति पर हैं।

    2. डेनमार्क

    यूरोप का डेनमार्क देश खुश रहने में तीसरे पायदान पर आता है। वैश्विक शांति सूचकांक के अनुसार डेनमार्क, आइसलैंड के बाद विश्व का सबसे शांत देश है। भ्रष्टाचार दृष्टिकोण सूचकांक के अनुसार यह विश्व के सबसे कम भ्रष्ट देशों में से है और न्यूजीलैंड और स्वीडन के साथ पहले स्थान पर है।

    3. नॉर्वे

    इस सूची में नार्वे को दूसरा स्थान मिला है। यहां का ब्रिगेन बंदरगाह विश्व भर में प्रसिद्ध है और हर साल हजारों लोग यहां पर्यटन के लिए आते हैं। यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज की लिस्ट में भी इसका नाम आता है।

    4. आइसलैंड

    उत्तर पश्चिमी यूरोप में उत्तरी अटलांटिक में आइसलैंड को 4 नंबर का सबसे खुश देश बताया गया है। आइसलैण्ड में लगभग 10 लाख पर्यटक आते हैं जो यहां की जंगली प्रकृति जैसे: हिमनद, झरने, ज्वालामुखी और जीजर देखने आते हैं। हाल ही के वर्षों में आइसलैण्ड में सर्दियों के दौरान भी पर्यटन में तेजी आई है।

    5. नीदरलैंड

    भारत की ज्यादातर फिल्मों में आपने इस खूबसूरत शहर को देखा होगा। स्विट्जरलैंड को दुनिया का 5वां सबसे खुशहाल देश माना जाता है। इसकी 60 प्रतिशत जगह आल्प्स पर्वतों से ढकी हुई है। सो इस देश में बहुत ही खूबसूरत पर्वत, गांव, सरोवर (झील) और चारागाह हैं। स्विस लोगों का जीवनस्तर दुनिया में सबसे ऊंचें जीवनस्तरों में से एक है, स्विस घडियां, चीज, चॉकलेट बहुत मशहूर हैं।

    भारत की रैंकिंग में बड़े सुधार की जरूरत  संयुक्त राष्ट्र की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वाधिक खुशहाल देशों की वैश्विक सूची में भारत 140वें पायदान पर पाया गया है, भारत 2018 में इस मामले में 133 और 2017 में 122वें पायदान पर था। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान 67 वें,

    बांग्लादेश 125 वें और चीन 93 वें स्थान पर है।