देश में अचानक कोरोना (COVID-19) के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। अस्पतालों में बुखार, खांसी, जुकाम से मरीजों की भरमार है। हालांकि देश में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 2.73 प्रतिशत है, लेकिन दिल्ली में एकाएक कोरोना के केसों में उछाल से स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। दिल्ली में पॉजिटिविट रेट 40 प्रतिशत उछाल के साथ 13.89 हो गई है जो अवश्य ही चिंता का विषय है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों के चिकित्सा निदेशकों व वायरोलॉजिस्ट के साथ बैठक के बाद कहा है कि कोरोना सैंपल के जिनोम सिक्वैंसिग भी की जा रही है जिसमें अब तक कुछ भी चिंताजनक नहीं है।
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यह राहत की बात है लेकिन कोरोना से मरीजों को शारीरिक व मानसिक जो तकलीफ उठानी पड़ती है वह पीढ़ादायक है। एच3एन2 एन्फ्एलुएंजा के तुरंत बाद एक बार फिर कोरोना के सक्रिय मामलों में बढ़ौतरी रोकने के लिए बेशक सरकारें अपनी ओर से कदम उठा रही हैं। लेकिन जनता की सहभागिता के बिना कोई भी प्रयास सफल नहीं होता। (Coronavirus) कोरोना की जब पहली फिर दूसरी व तीसरी लहर आई तब सरकार की तरफ से सख्त पाबंदियां लगाई गई। लॉकडाउन जैसे कठोर निर्णय लेने पड़े। हालांकि गरीब, मजदूरों को इन परिस्थितियों का बड़ा खमियाजा भुगतना पड़ा।
अगर जनता जागरूक और सचेत रहे तो इस प्रकार के कठोर प्रतिबंधों की आवश्यकता ही न पड़े। (Corona) कोरोना के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत हर किसी को एतिहातन कुछ सावधानियां अवश्य रखनी होंगी। अस्पताल में जाते वक्त मास्क का अवश्य इस्तेमाल करें, कुछ भी खाने से पहले या चेहरे को छूने से पहले अच्छे से हाथ धोना, खांसते-छींकते वक्त मुंह ढांपना, हाथ मिलाने की बजाए हाथ जोड़कर अभिवादन करना इत्यादि। यदि इस प्रकार की सामान्य सावधानियां बरती जाएं तो भी कोरोना की चाल को काफी हद तक रोका जा सकता है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हमारे आयुर्वेद के अनुसार काढ़ा भी कोरोना में बहुत कारगर साबित हुआ है। इस प्रकार के तमाम उपायों व सावधानियों द्वारा हम काफी हद तक इन संक्रामक बीमारियों से बच सकते हैं।
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