Bindora: बेटा-बेटी का भेद समाप्त करने के उद्देश्य से निकाला भतीजी का बिंदोरा

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बेटा-बेटी का भेद समाप्त करने के उद्देश्य से निकाला भतीजी का बिंदोरा

हनुमानगढ़। जंक्शन निवासी सरस्वती देवी धर्मपत्नी बनवारी लाल की पौत्री नीलम के विवाह पर उनकी बुआ मंजू सारस्वा व चाची इन्द्रा देवी ने समाज में बेटा-बेटी के भेद को समाप्त करने के उद्देश्य से नीलम को घोड़ी पर बैठाकर बिंदोरा निकाला। बुआ मंजू सारस्वा के टाउन की नई आबादी स्थित निवास से बिंदोरा निकालने के दौरान घर वालों ने खूब नाच-गाकर खुशियां मनाईं। Hanumangarh News

इस मौके पर नीलम के फूफा संजय सारस्वा ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई भी फर्क नहीं होता। अब बेटी भी बेटों के समान है। नीलम पढ़ी-लिखी लडक़ी है तथा वह मरुधरा ग्रामीण बैंक रंगमहल सूरतगढ़ में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत है। नीलम के चाचा विजय कुमार ने बताया कि वह अपनी बेटी समान भतीजी की शादी धूमधाम से तथा उसी रंग-चाव से करना चाह रहे थे, जिस रंग-चाव से बेटे की शादी होती है। इसी के चलते उन्होंने भतीजी की शादी से पूर्व बिंदोरा निकाला है। Hanumangarh News

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