अरे! ये गवर्नमेंट स्कूल है ! यकीन नहीं होता !

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अध्यापकों की मेहनत से बदली चत्तरगढ़ पट्टी प्राथमिक स्कूल की तस्वीर

सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। कहते हैं अगर आपके मन में कुछ बदलने और कुछ कर गुजरने का जज्बा और जुनून हो तो आप पूरी कायनात की तस्वीर बदल सकते है। सरसा शहर के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल चत्तरगढ़ पट्टी में भी कुछ ऐसा हुआ है। जहां मुख्य अध्यापक बंसी लाल झोरड़ और अन्य साथी अध्यापकों ने स्कूल की तस्वीर ही बदल दी है। यह स्कूल अब कॉन्वेंट स्कूलों को भी साफ -सफाई, स्मार्ट क्लासरूम, परीक्षा परिणाम, स्मार्ट एक्टिविटी बोर्ड व रूम सहित अन्य संसाधनों के मामले में मात दे रहा है। Sirsa News

इतना ही नहीं जहां निरंतर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है तो वहीं इसके उलट इस स्कूल में हर साल विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मुख्य अध्यापक बंसी लाल झोरड़ ने जब करीब 6 साल पहले इस स्कूल में कार्यभार संभाला था तो यहां बच्चों की संख्या 400 से भी कम थी और पिछले शिक्षा सत्र 2024-25 में यहां बच्चों की संख्या 750 से अधिक थी।

सौंदर्यीकरण व स्वच्छता में मिल चुका है अवॉर्ड

मौजूदा शिक्षा सत्र 2025-26 में स्कूल में उन्होंने बच्चों की संख्या 800 से अधिक करने की ठानी हुई है। आज हालात ये है कि स्कूल में बच्चों को बैठाने के लिए कमरों की संख्या कम पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर अध्यापकों द्वारा स्कूल को इतना मेंटेन किया हुआ है कि देखने वाले यकीन नहीं कर पाते कि यह सरकारी स्कूल है। स्कूल में हर तरफ हरियाली दिखाई देगी। हैरानी की बात है कि इस स्कूल को मेंटेन करने के लिए स्कूल प्रशासन ने सरकारी और प्रशासनिक ग्रांट का इस्तेमाल तो किया ही है, इसके साथ स्कूल स्टाफ ने भी अपनी सैलरी से भी स्कूल की कायापलट की है।

इतना ही स्कूल सौंदर्यीकरण और बच्चों की सुविधाओं के लिए स्कूल प्रशासन द्वारा समाजसेवी और दानी सज्जनों से भी सहयोग लेने से गुरेज नहीं करते। उनका सिर्फ एक ही ध्यैय है कि उनके स्कूल में आने वाले बच्चों को हर प्रकार की सुविधा मिले। उनके सेवा भावना के इस जज्बे को हर कोई सलाम करता है। मुख्य अध्यापक बंसी लाल झोरड़ का कहना है कि स्कूल को सुंदर व पढ़ाई में अव्वल बनाने में उनके साथी अध्यापकों का भी विशेष सहयोग है। खासकर स्कूल में महिला शिक्षकों की संख्या अधिक है, लेकिन फिर भी वह पुरुष स्टाफ सदस्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही है।

सौंदर्यीकरण में मिल चुके है अवॉर्ड | Sirsa News

मुख्य अध्यापक बंसी लाल झोरड ने जब स्कूल में कार्यभार संभाला था तो उस समय स्कूल में सिर्फ 9 कमरे थे और 16 का स्टाफ था। लेकिन आज अकेले 12 तो स्कूल में क्लासरूम है। वहीं स्टाफ की संख्या 23 है। इसके अलावा बरामदों से अनेक कक्षा कक्ष तैयार किए गए हैं, ताकि बच्चों के बैठने में कोई परेशानी न हो। प्रत्येक क्लासरूम में प्लास्टिक पेंट किया गया है और प्रत्येक ही कक्षा में रचनात्मक व कलात्मक गतिविधियां अंकित की गई है, जिससे विद्यार्थी आसानी से शिक्षा ग्रहण कर रहे है।

आधुनिक शिक्षा प्रणाली के चलते प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर स्कूल के सभी कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट एक्टिविटी बोर्ड की सुविधा दी हुई है। सभी कक्षाओं में गर्मी के मौसम में प्रर्याप्त पंखों की विशेष सुविधा है। इतना ही नहीं यहां के स्कूली बच्चे कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ब्लेजर, टाई, बेल्ट व आई कार्ड सहित प्रॉपर यूनिफॉर्म में नजर आते है। अक्सर सरकारी स्कूलों में बनाए गए बाथरूमों में साफ-सफाई न होने की शिकायतें आती रहती है, लेकिन यहां के बाथरूम बड़े रेस्टोरेंट व होटलों के बाथरूम को भी साफ-सफाई में दूर बैठाते है।

प्रत्येक बाथरूम के बाहर वॉश बेसिन लगा हुआ है, जिसमें हाथ क्लीन करने के लिए साबुन आदि रखी हुई मिलेगी। विद्यालय को 2023 में मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण का खंड स्तर का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा 2021-22 में जिला स्तर पर स्वच्छता विद्यालय पुरस्कार भी मिला हुआ है। इस स्कूल के बच्चे भी राइटिंग,

सांस्कृतिक गतिविधियों व खेलों में अपना जलवा बिखेर रहे हैं | Sirsa News

गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल चत्तरगढ़ पट्टी में हर साल बच्चों की संख्या बढ़ रही है, जिनमें मुख्य भूमिका स्कूल में मिल रही आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्कूली अध्यापकों की भी है। स्कूल में प्रत्येक कक्षा के शिक्षक की ओर से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें उस कक्षा के बच्चों के अभिभावकों को भी शामिल किया हुआ है। ग्रुप में रोजाना स्कूल में मिलने वाले गृह कार्य को भेजा जाता है। इसके अलावा स्कूल में होने वाली एक्टिविटी को भी ग्रुप में शेयर किया जाता है, ताकि अभिभावकों को मालूम हो कि स्कूल में उनके बच्चों को क्या करवाया जा रहा है।

इसके अलावा शिक्षक अभिभावकों से समय-समय पर पीटीएम सहित अन्य कार्यक्रमों में बुलाकर फीडबैक भी लेते रहते है। जिससे अभिभावक प्रेरित होकर अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला करा रहे है। इसके अलावा स्कूल में प्रत्येक बच्चे व अध्यापक का जन्मदिन सेलिब्रेट किया जाता है। स्कूल में प्रत्येक महापुरुष की जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हर साल स्कूल में वार्षिकोत्सव व पुरस्कार समारोह का आयोजन होता है,जिसमें अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाता है। Sirsa News

स्कूली विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा निखारने के लिए समय-समय सांस्कृतिक कार्यक्रमव कलात्मक व रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है। रोजाना स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों में गीता का पाठ कराया जाता है। इन सब सुविधाओं के कारण प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर विद्यार्थी इस स्कूल में दाखिला ले रहे है। हालांकि स्कूल चत्तरगढ़ पट्टी में स्थित है, लेकिन यहां पढ़ाई करने के लिए शहर के वार्ड नंबर 1, 2, 32 व ग्राम पंचायत चत्तरगढ़ पट्टी तक के विद्यार्थी आते है।

भक्ति रस के साथ तैयार होता है मिड-डे-मील

स्कूल में बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक मिड-डे-मील बनाया जाता है। मिड-डे-मील बनाते समय यहां भक्ति रस का तड़का देखने को मिलता है। इसके अलावा मिड-डे-मील के लिए स्कूल में एक ऐसी किचन तैयार की गई है। जो बड़े-बड़े घरों में भी नहीं होती। स्कूल में बनने वाले मिड-डे-मील को स्कूल का भ्रमण करने वाले प्रत्येक समाजसेवी व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्वाद चखा जाता है। मिड-डे-मील का भोजन लेकर हर कोई इनका कायल हो जाता है। मिड-डे-मील बनाने वाले कुक व अन्य कर्मी भी प्रॉपर वर्दी में दिखाई देते है और पूरी साफ-सफाई से भोजन तैयार करते है। स्कूल में बच्चों के पीने के लिए आरओ वाटर प्रयोग होता है। स्कूल में बनाई गई शिक्षा के लिए प्रेरित करती बड़ी पेंटिंग भी सभी को अपनी ओर प्रेरित करती है।

साल-दर-साल यूं बढ़ी बच्चों की संख्या | Sirsa News

वषज़्, बच्चों की संख्या
2019-20, 425
2020-21, 460
2021-22, 654
2022-23, 696
2023-24, 712
2024-25, 759

मुख्य अध्यापक बंसी लाल झोरड ने बताया कि एक शिक्षक ही ऐसा होता है जिसे बच्चों को संवारने का मौका मिलता है। उन्हें यह मौका मिला तो उन्होंने सोचा कि क्यों ना अपने कर्तव्य के साथ-साथ सेवा की जाए। इसी भावना के साथ उन्होंने स्कूल में कार्य किया है। उनके एक प्रयास से स्कूली बच्चों के चेहरों पर मुस्कुराहट आती है, यह उनकी सबसे बड़ी कमाई है। उनके कार्य में स्कूल के समस्त स्टाफ का भरपूर सहयोग रहता है।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बूटा राम ने बताया कि गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल चत्तरगढ़ पट्टी एक बेहतरीन विद्यालय है। यहां का मुख्य अध्यापक सहित पूरा स्टाफ काफी मेहनती है,जिसकी बदौलत यहां हर साल बच्चों की संख्या बढ़ती है। इस स्कूल के बच्चे हर एक्टिविटी में अग्रणी रहते है। Sirsa News

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