कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर विभिन्न विकल्पों पर चल रहा विचार
जल्द- ही कमेटी बिठा कर लिया जाएगा फैसला
सच कहूँ/अनिल कक्कड़ चंडीगढ़। पैर की चोट के कारण अंबाला में अपने घर पर ही प्रशासनिक काम-काज देख रहे प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज करीबन 40 दिनों बाद मंगलवार को चंडीगढ़ मुख्य सचिवालय स्थित अपने दफ्तर पहुंचे। विज ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ रहे केसों के मद्देनजर दोबारा से लॉकडाउन एवं प्रदेश की सीमाएं सील करने संबंधी विकल्पों पर सरकार द्वारा विचार किए जाने की बात कही। अपने दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि मौजूदा समय में कोरोना के केस जिस गति से बढ़ रहे हैं, उसे लेकर सरकार चिंतित है और जल्द ही प्रदेश में इसकी रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में विज ने कहा कि प्रदेश के चार जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में प्रदेश के कुल केसों के लगभग 70-80 फीसदी केस हैं और इसकी मुख्य वजह दिल्ली का नजदीक स्थित होना है। विज ने कहा कि सरकार इन चारों जिलों की सीमाएं एक बार फिर से सील करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकार ने टैस्टिंग कैपेसिटी बढ़ाई है, जिस वजह से इन चारों जिलों में ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दोबारा शुरू की गई इंडस्ट्री का भी ध्यान सरकार रखेगी।
फिलहाल प्रदेश में 5 हजार एक्टिव केस
विज ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश में 5 हजार एक्टिव केस हैं और सरकार के पास मरीजों के लिए हर तरह के प्रबंध मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्लाजमा थैरेपी द्वारा इलाज के लिए प्रयासरत्त है और पीजीआई रोहतक में दो व्यक्ति इस उपचार से ठीक भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीजीआई में ही प्लाजमा बैंक के लिए संभावनाएं देखने के लिए आदेश दिए गए हैं। विज ने कहा कि सरकार ने 2 लाख एंटी जैन किटों का आॅर्डर किया है जिससे प्रदेश में टैस्टिंग और आसान होगी तथा परिणाम भी जल्द प्राप्त होंगे।
नियमों को लेकर फिर सख्त होगी सरकार
विज ने संकेत दिए कि मौजूदा समय में अनलॉक के तहत दी गई ढील से लोग कोरोना वायरस संबंधी नियमों को ताक पर रख रहे हैं। लोग मॉस्क नहीं लगा रहे और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार इस विषय में गंभीरता से विचार कर रही है और आने वाले दिनों में एक बार फिर से सख्ती नजर आ सकती है जैसी लॉकडाउन के दौरान नजर आई थी।