ISRO’s launches SpaceX GSAT-N2: चेन्नई (एजेंसी)। भारत के नवीनतम और उन्नत जीसैट-एन 2 (जीसैट-20) ने सोमवार रात को अमेरिका स्थित स्पेसएक्स के फाल्कन-9 प्रक्षेपण यान से उड़ान भरी। लगभग 33 मिनट की उड़ान अवधि के बाद एलन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट ने 4,700 किलोग्राम के जीसैट-एन 2 को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में इंजेक्ट कर दिया। केप कैनावेरल लॉन्च स्थल पर मौजूद स्पेसएक्स और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने इस विशेष वाणिज्यिक मिशन में उड़ान के प्रक्षेप पथ की निगरानी की। IISRO News
भूस्थिर पृथ्वी की कक्षा में 14 साल तक चलने के लिए डिजाइन किया गया
जीएसएटी-एन2 उपग्रह (जिसे जीएसएटी-20 भी कहा जाता है) का वजन प्रक्षेपण के समय 4,700 किलोग्राम (10,362 पाउंड) है और इसे भूस्थिर पृथ्वी की कक्षा में 14 साल तक चलने के लिए डिजाइन किया गया। यह पहली बार है जब स्पेसएक्स ने इसरो के लिए पेलोड का प्रक्षेपण किया। गौरतलब है कि भारत के पास जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (एलवीएम3) के साथ अपना स्वयं का लॉन्च वाहन है, लेकिन यह केवल 4,000 किलोग्राम तक का पेलोड ही प्रक्षेपित कर सकता है।
इसलिए इसरो की वाणिज्यिक शाखा एनएसआईएल ने जीएसएटी -20 के प्रक्षेपण के लिए 2 जनवरी, 2024 को स्पेसएक्स के साथ करार किया था। जीएसएटी प्रणाली का पिछला प्रक्षेपण (जिसका नाम जीएसएटी-24 (या जीएसएटी-एन1) है, 22 जून, 2022 को फ्रेंच गुयाना से एरियन 5 रॉकेट पर प्रक्षेपित किया गया था। ISRO News
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