Breaking News

सरकार मांगें माने, फिर होगा अंतिम संस्कार

Government will consider demands, then will be the funeral

नाभा जेल हत्या मामला: हत्या की गहरी जांच की मांग, डेरा श्रद्धालुओं पर बेअदबी के मामले हो रद्द

कोटकपूरा(सच कहूँ/किरण, कर्म सिंह)। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत व 45 मैंबर समिति ने आज महेन्द्र पाल बिट्टू की मृत देह का अंतिम संस्कार सरकार द्वारा मांगें माने तक रोक दिया है। साध-संगत ने बिट्टू की हत्या पीछे साजिश को बेनकाब करने व डेरा श्रद्धालुओं पर दर्ज बेअदबी के मामलों को झूठे करार देते रद्द करने की मांग की है। आज सुबह महेन्द्र पाल बिट्टू की मृत देह को नाभा में पोस्टमार्टम करने के बाद नामचर्चा घर कोटकपूरा में लाया गया। यहां रात से ही साध-संगत पहुंचनी शुरू हो गई थी और आज शाम समाचार लिखे जाने तक साध-संगत का आना जारी था। नाम चर्चा घर में गमगीन साध-संगत का भारी जनसमूह महेन्द्र पाल बिट्टू के अंतिम दर्शन  को पहुंचा।
इस दौरान साध-संगत में शोक और रोष की लहर देखी गई। वक्ताओं ने अपनी, तकरीरों के द्वारा महेन्द्र पाल बिट्टू द्वारा किए गए मानवता भलाई कार्यांे का जिक्र करते हुए उसकी हत्या को असामाजिक तत्वों की भद्दी चाल बताया। इस मौके पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए 45 मैंबर हरचरण इन्सां ने कहा कि महेन्द्र पाल इन्सां को बेअदबी करने के झूठे मामले में फंसाया गया था।

उन्होंने कहा कि डेरा श्रद्धालु ऐसा कभी सोच भी नहीं सकते।  उन्होंने कहा कि डेरा श्रद्धालु पवित्र गुरबाणी का सत्कार करते हैं व गुरबाणी से शिक्षा लेकर भलाई कार्याें में जुटे हुए हैं। हरचरण ने कहा कि बेअदबी मामलों में बिट्टू को जमानत मिल चुकी थी और एक अन्य मामले में जल्द ही जमानत मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों को इसी बात का ही डर था कि बिट्टू के बाहर आने से सारे झूठ का पर्दाफाश हो जाएगा, जिस कारण उसकी हत्या कर दी गई है। हरचरण सिंह ने कहा कि साध-संगत न्याय प्राप्त करने के लिए अमन-शान्ति के साथ संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी दो ही मांगें हैं, पहली मांग इस हत्या पीछे काम कर रही ताकतों का पर्दाफाश हो और सभी आरोपियों को सामने लाकर उनको सख़्त से सख़्त सजा दी जाये। दूसरी मांग डेरा श्रद्धालुओं के खिलाफ श्री गुरू ग्रंथ साहब के बेअदबी के झूठे मामले रद्द किए जाएं।

बताया जाता है कि बीते शनिवार नाभा जेल में बंद डेरा श्रद्धालु महेन्द्रपाल बिट्टू इन्सां की दो कैदियों द्वारा लोहे की रॉड से हत्या कर दी गई थी। बिट्टू को 2015 में जिला फरीदकोट में हुई बेअदबी की घटनाओं के मामले में नामजद किया गया था।

  • महेन्द्र सिंह बिट्टू हत्या मामले में आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर

पटियाला (सच कहूँ न्यूज)। डेरा श्रद्धालु महेन्द्रपाल सिंह बिट्टू के हत्या मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को माननीय ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट पटियाला की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। गौरतलब है कि नाभा जेल के अधिकारियों की शिकायत पर हवालाती मनिंदर पुत्र हरबंस सिंह निवासी फतेहगढ़ साहिब व गुरसेवक पुत्र संसार सिंह निवासी मोहाली के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 34 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।

  • साजिश के तहत हुई हत्या : रमिन्द्र

कोटकपूरा। महेन्द्रपाल बिट्टू के बेटे रमिन्द्र ने आरोप लगाया है कि उसके पिता की नाभा जेल में हत्या एक साजिश के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि उसके पिता की जमानत संबंधी अदालत में सुनवाई 16 जुलाई को होनी थी व उन्हें बड़ी उम्मीद थी कि अदालत से जमानत मिल जाएगी। रमिन्द्र ने कहा कि जमानत मिलने की उम्मीद के कारण उसके पिता की एक सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। उसने यह भी कहा कि पुलिस के कुछ कर्मचारी उसके पिता को जेल में जाकर जमानत याचिका दायर न करने की भी धमकियां देते थे।

बिट्टू पर दर्ज बेअदबी मामलों संबंधी उसने कहा कि उसके पिता श्री गुरू ग्रन्थ साहिब में अथाह श्रद्धा रखते थे व किसी भी धर्म के पवित्र ग्रन्थ की बेअदबी करना तो दूर वह सोच भी नहीं सकते थे। रमिन्द्र ने कहा कि उसके पिता डेरा सच्चा सौदा की पावन शिक्षाआें पर जरूरतमंदों की मदद करने, पौधे रोपित करने, रक्तदान करने जैसे मानवता भलाई के कार्यां में बढ़चढ़ कर भाग लेते थे। उसने कहा कि हमारी सरकार से यह मांग है कि हत्या की साजिश को जल्द ही बेनकाब किया जाए व उनके पिता पर दर्ज बेअदबी के झूठे मामले रद्द किए जाएं।

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करे

लोकप्रिय न्यूज़

To Top