चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा(Bhupendra Hooda) ने आरोप लगाया कि सरकार बुजुर्गों की पेंशन खत्म करने की नीति पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बुजुर्गों की पेंशन रोकने पर सरकार की कड़ी आलोचना की है। प्रदेश में पेंशनधारकों को अब तक पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी महीने की पेंशन नहीं मिली है। सरकार द्वारा बुजुर्ग, विधवा और विकलांग पेंशन को रोका हुआ है।
हुड्डा ने कहा कि 5100 रुपये पेंशन का वादा करके सत्ता में आई पार्टियां लगातार पेंशन कटौती कर रही हैं। पेंशन को फैमिली आईडी से जोड़कर अब तक हजारों बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई है। सरकार और भी हजारों बुजुर्गों की पेंशन पर कैंची चलाने की प्लानिंग कर रही है। एक तरफ सरकार द्वारा बुजुर्गों के सम्मान भत्ते की कटौती और दूसरी तरफ उसके भुगतान में देरी इस कल्याणकारी योजना के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। बुजुर्गों को पेंशन के लिए तरसाना उनका अनादर है।
भूपेंद्र हुड्डा(Bhupendra Hooda) ने कहा कि यह बुजुर्ग सम्मान भत्ता उनके बुढ़ापे का सहारा है। इस पर परिवार पहचान पत्र और बेवजह के आर्थिक मापदंडों को थोपना बुजुगर्सें का अनादर है। सरकार को पेंशन कटौती और भुगतान में लेटलतीफी की नीति को बंद करना चाहिए। यदि मौजूदा सरकार ऐसा नहीं करती है तो भविष्य में उनकी सरकार बनने पर जिन बुजुर्गों की पेंशन काटी गई है, उसको वापस बहाल किया जाएगा और वादे के मुताबिक उसमें बढ़ोतरी भी की जाएगी।
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