यमुनानगर (सच कहूँ/लाजपत राय)। Agriculture News: आधुनिक समय में मेहनत और सही तकनीक के साथ बागवानी से किसान बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। यह कहना है यमुनानगर के खंड जगाधरी के गांव रतनगढ़ (नंदपूरा) के दसवीं पास प्रगतिशील किसान कमल काम्बोज का। सच कहूँ की टीम से विशेष बातचीत में कमल ने बताया कि उन्होंने 2019 में पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी की ओर कदम बढ़ाया। आज वह अपनी 10 एकड़ जमीन में से 5 एकड़ में बागवानी कर सभी खर्च निकालने के बाद 2 से ढाई लाख रुपये प्रति एकड़ सालाना कमा रहे हैं। इसके साथ ही, वह एक दर्जन से अधिक महिलाओं को रोजगार देकर उनके परिवारों के भरण-पोषण में भी योगदान दे रहे हैं।
विविधता और तकनीक का किया प्रयोग | Agriculture News
कमल काम्बोज ने बताया कि शुरूआत में उन्होंने 2 एकड़ में बेरी के बाग लगाए, लेकिन बाजार में उचित दाम न मिलने के कारण फसल बदलनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने पिंक ताइवान किस्म के अमरूद का बाग लगाया, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलने लगा। वर्तमान में उनके 5 एकड़ के बाग में ढाई एकड़ में पिंक ताइवान अमरूद, आधा एकड़ में ड्रैगन फ्रूट, आधा एकड़ में नाशपाती, आधा एकड़ में आडू, एक एकड़ में लीची, 2 कनाल में अंजीर, 2 कनाल में बेरी और 2 कनाल में नींबू के पेड़ लगे हैं। बागवानी विभाग की तकनीकों का उपयोग कर वह कीटों से फसल को सुरक्षित रखते हैं। इसके अलावा, मौसमी फसलें जैसे लहसुन और सब्जियां लगाकर दोहरा लाभ कमाते हैं।
ड्रैगन फ्रूट की खेती से बढ़ी उम्मीद
कमल ने बताया कि बाजार में ड्रैगन फ्रूट की बढ़ती मांग को देखते हुए एक साल पहले आधा एकड़ में इसकी खेती शुरू की। यह विदेशी फल, जो सेंट्रल और साउथ अमेरिका के साथ मैक्सिको में मुख्य फसल है, डेढ़ साल में फल देना शुरू कर देगा। उनकी फसल अगले कुछ महीनों में पैदावार देगी। Agriculture News
रोजगार का साधन भी बनी बागवानी
कमल के मुताबिक, बागवानी मेहनत और मैनपावर की खेती है। वह अपने खेतों में 10 से 15 महिला-पुरुषों को नियमित रोजगार देते हैं, जिससे उनके परिवारों का पोषण होता है। उनकी फसलें यमुनानगर की सब्जी मंडी में ही अच्छे दामों पर आसानी से बिक जाती हैं।
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। अमरूद की फसल पर प्रति एकड़ 43 हजार रुपये की सब्सिडी तीन साल में तीन किश्तों (पहले साल 23 हजार, दूसरे-तीसरे साल 10-10 हजार) में दी जाती है। इसके अलावा, 2025-26 में आवारा पशुओं से बागों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल पर 300 रुपये प्रति रनिंग मीटर के हिसाब से 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने किसानों से फल छेदक मक्खी से बचाव के लिए फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करने और अधिक जानकारी के लिए जिला बागवानी कार्यालय से संपर्क करने की अपील की। Agriculture News
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