सभी छात्रों को मुफ्त शिक्षा से घटेगा ड्रापआउट रेट

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जल संरक्षण प्रणाली के लिए बजट में 25 करोड़ रुपए आवंटित

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चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बजट में सभी छात्रों के लिए बारहवीं तक शिक्षा मुफ्त करने के कदम की सराहना करते हुये वित्त मंत्री मनप्रीत बादल का धन्यवाद किया है। सिंगला ने शनिवार को बताया कि बजट में स्कूली शिक्षा के लिए वर्ष 2020-21 के वास्ते कुल 12,488 करोड़ रुपए का उपबंध किया है, जो कुल खर्च का 8 प्रतिशत है। यह राशि 2016-17 के बजट की अपेक्षा 23 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार ने ‘कैच दैम यंग’ (बचपन में ही प्रशिक्षण) के मोटो का अनुसरण करते हुए प्राईमरी शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

  • राज्य में प्राईमरी शिक्षा पर जोर देने के लिए मुफ़्त परिवहन सुविधा के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 10 करोड़ रुपए रखे हैं।
  • वर्ष 2020-21 के दौरान सरकारी स्कूलों में 4150 अतिरिक्त क्लासरूमों के निर्माण के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है।
  • स्कूलों के रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 के बजट में 75 करोड़ रुपए का प्रबंध किया गया है।
  • सरकार प्रोजैक्टर मुहैया करवा कर हाई स्कूलों और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के सभी कमरों को स्मार्ट कमरों में तबदील करने का प्रयास कर रही है।
  • राज्य ने पहले ही स्मार्ट स्कूल नीति अधिसूचित कर दी है
  • डिजिटल एजुकेशन के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए 13 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है

श्री सिंगला ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में लड़कियों को कराटे का प्रशिक्षण मुहैया करवाने के लिए राज्य सरकार माहिर कराटे ट्रेनरों के द्वारा 50 साल से कम उम्र की सभी महिला अध्यापकों को प्रशिक्षण दे रही है। वर्ष 2019-20 के दौरान 261 महिला अध्यापकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सरकारी स्कूलों में लड़कियों को सैनेटरी नैपकिन मुहैया करवाए जा रहे हैं। वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए 13 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले पड़ाव में 259 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूलों में 10 किलोवॉट के सोलर प्लांट स्थापित करने की इच्छुक है। दूसरे पड़ाव में 621 और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में यह प्रणाली लगाई जायेगी। नौजवानों में जल संरक्षण के प्रति चेतना पैदा करने के लिए सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जल संरक्षण प्रणाली के लिए बजट में 25 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

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