किसानों ने घेरा बिजली एवं जेलमंत्री का आवास

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Farmers surrounded the electricity and prison ministers residence

खराब हुई फसलों का मांगा मुआवजा, कृषि अध्यादेशों को रद्द करने की मांग

  • दी चेतावनी, 29 तक मांगें नहीं मानी तो 30 सितंबर को जिले के 145 जलघरों के पानी की टंकिंयों पर चढ़कर प्रदर्शन करेंगे किसान
सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। पिछले दिनों सफेद मक्खी और उखेड़ा की बीमारी से जिले में सैकड़ों एकड़ खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति के नेतृत्व में किसानों का लघु सचिवालय में धरना बुधवार को 10वें दिन जारी रहा। किसानों ने बिजली मंत्री के आवास का घेराव किया। किसान लघु सचिवालय से हल लेकर रोष प्रदर्शन करते हुए बरनाला रोड स्थित बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह के आवास पर पहुंचे और घेराव किया। यहां किसानों ने चौ. रणजीत सिंह व भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था प्रदेश में खराब हुई नरमा-कपास की फसलों की शीघ्र गिरदावरी करवाकर मुआवजा जारी किया जाए। पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल माफी मांगे। केंद्र सरकार के तीन अध्यादेश जोकि किसान, आढ़ती व मजदूर विरोधी हैं, उन्हें रद्द किया जाए। 12 हजार ट्यूबवैल कनैक्शनों के लिए बिजली निगम में किसानों ने चार-चार लाख रुपए की राशि जमा रखी है, बावजूद इसके पिछले कई महीनों से कनैक्शन जारी किए गए है। कनैक्शन यथाशीघ्र जारी किए जाएं। मंत्री के आवास पर सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसडीएम जयवीर यादव, डीएसपी आर्यन चौधरी, तहसीलदार श्रीनिवास सहित अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी किसानों ने मांगों को लेकर एक ज्ञापन मंत्री के आवास पर सौंपा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि किसान लगातार धरने पर बैठे हैं। किसानों द्वारा आज बिजली मंत्री रणजीत सिंह के आवास का घेराव किया गया है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर 21 सितंबर को सांसद सुनीता दुग्गल के सरसा आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार को अल्टीमेटम दिया कि 29 सितंबर तक अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो 30 सितंबर को किसान जिलाभर की 145 पेयजल आपूर्ति की टंकियों पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मांगें पूरी नहीं होने तक किसान टंकियों से नहीं उतरेंगे। किसी तरह की कोई जनहानि होती है तो उसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी।

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