किसान आंदोलन: हरियाणा पंजाब सामने-सामने खट्टर ने फिर दोहराई राजनीति छोड़ने की बात

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Khattar accuses Punjab CM Captain Amarendra of misleading farmers - Sach Kahoon

 खट्टर ने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेन्द्र पर लगाया किसानों को गुमराह करने का आरोप

  •  कैप्टन ने खट्टर पर किसानों को भड़काने का लगाया आरोप

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। किसानों का दिल्ली कूच रोकने पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जहां पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को आड़े हाथों लिया था वहीँ अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनपर पलटवार किया हैे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ट्विटर पर लिखा- कैप्टन अमरेन्द्र जी, मैंने इसे पहले भी कहा है और मैं फिर से कह रहा हूं, मैं राजनीति छोड़ दूंगा,

अगर एमएसपी पर कोई परेशानी होगी- इसलिए, कृपया निर्दोष किसानों को उकसाना बंद करेें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आगे लिखा- मैं पिछले 3 दिनों से आप तक पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन दुख की बात है कि आपने पहुंच के बाहर ही रहने का फैसला किया हुआ हैेक्या इससे समझ नहीं आता कि आप किसान के मुद्दों के लिए कितना गंभीर हैेंआप केवल ट्वीट कर रहे हैं और बातचीत से भाग रहे हैं, क्यों? मनोहरलाल खट्टर ने आगे कहा, ह्वआपके झूठ, धोखे और प्रॉपगेंडा का वक्त खत्म हो गया हैे लोगों को अपना असली चेहरा देखने दें।कृपया कोरोना महामारी के दौरान लोगों के जीवन को खतरे में डालना बंद करेेंमैं आपसे लोगों के जीवन के साथ नहीं खेलने का आग्रह करता हूें कम से कम महामारी के समय सस्ती राजनीति से बचेें

किसानों को दिल्ली जाने दो खट्टर जी: कैप्टन

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों दिल्ली जाने से रोकने पर दुःख व्यक्त किया है और भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह अपनी राज्य सरकारों को निर्देशित करे कि वे किसानों के खिलाफ इस तरह के मजबूत हथकंडे न अपनाएं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कहा लगभग 2 महीने से किसान बिना किसी समस्या के पंजाब में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा सरकार बल का सहारा लेकर उन्हें क्यों उकसा रही है? क्या किसानों को सार्वजनिक राजमार्ग से शांतिपूर्वक गुजरने का अधिकार नहीं हैेमुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आगे कहा यह एक दुखद विडंबना है कि संविधान दिवस पर किसानों के संवैधानिक अधिकार को इस तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है।उन्हें जाने दो खट्टर जी, उन्हें उनकी आवाज को शांति से दिल्ली ले जाने दो।

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