सम्पादकीय

संस्कृति का मिश्रण बना इंग्लैंड

England a mix of culture

इंग्लैंड की बोरिस जोहानसन सरकार की नई कैबिनेट में भारतीय मूल के तीन नेताओं को बहुत अहम जिम्मेदारी दी है। विशेष बात यह है कि गृहमंत्री जैसा बड़ा पद भी भारतीय मूल की नेता प्रीति पटेल को सौंपा गया है। पटेल की पृष्टभूमि एक गुजराती परिवार से संबंधित है। प्रीति पाकिस्तानी मूल के साजिद जावेद की जगह पदभार संभालेगी। पाकिस्तान मूल के साजिद जावेद को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। ये नियुक्तियां पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। यह एक परिवर्तन का भी संकेत है क्योंकि जिन अंग्रेजों ने भारतीयों पर करीब 200 साल से अधिक समय तक राज किया और जिन भारतीयों को दूसरे दर्जे के लोग कहते थे वही अंग्रेज अपने नागरिकों को समानता का अधिकार देते समय भारतीय मूल होने का भेदभाव नहीं करती।

केवल इंग्लैंड ही नहीं बल्कि कनाडा जैसे देश ने भी अनेकता में एकता का पाठ पढ़ाया है, जहां एक भारतीय मूल के नेता को रक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन दोनों देशों का सिद्धांत ही यह है कि वह विभिन्नता को ही अपनी ताकत समझते हैं। विश्व में एक बेहतरीन बदलाव हो रहा है और अलग संस्कृति विकास के लिए कोई रुकावट नहीं है। विदेशी लोगों को खजाने की चाबियां देकर भी यह देश खुशहाल हैं, दूसरी तरफ हमारे देश में 21वीं शताब्दी में भी विभिन्न धर्मों व संस्कृति के लोग एक दूसरे के खिलाफ नफरत की दीवारें बनाकर बैठे हैं। यहां विदेशी को गृह मंत्रालय देना तो दूर की बात है।

यदि लोक सभा या विभान सभा चुनाव में किसी अन्य हलके का प्रत्याशी बन जाए तो उसे बाहरी व्यक्ति या पैराशूट के द्वारा उतारा प्रत्याशी कहकर उसे खूब कोसते हैं। महाराष्ट में उत्तरी भारतीयों के साथ बुरा व्यवहार होता रहा है। भारत विश्व की सबसे अधिक संस्कृति के मिश्रण वाली भूमि है, जिसे हर किसी ने अपनाया और जो भी यहां आया तो उसका अंग बनता गया लेकिन राजनीतिक क्षेत्र ही एक ऐसा क्षेत्र है जहां किसी के भारतीय होने या न होने की पहचान करता है। रोजाना की घटती हिंसक घटनाएं, जिनका संबंध राष्ट्र हितैषी या राष्ट्र विरोधी होने की चर्चा से जुड़ा है। देश भक्ति की बातें करने में भी हम पीछे हैं। हमारे युवा विदेशों की तरफ भाग रहे हैं और जो चला गया वह वापिस आने का नाम नहीं लेता। कारण यही है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को प्यार व समानता के रूप में मान-सम्मान मिलता है। विदेशों की अच्छी बात को सीखने में कोई शर्म नहीं होनी चाहिए।

 

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