जेआरएम ईस्टमैन ने पंजाब के लिए दो प्रोजेक्ट की घोषणा की
- जापानी तकनीक मियावाकी से कचरे के ढेर को वन क्षेत्र में बदला जाएगा
लुधियाना (सच कहूँ न्यूज)। Ludhiana News: पंजाब में लुधियाना स्थित जेआरएम ईस्टमैन समूह ने शुक्रवार को अपने पायलट पहल के अंतर्गत पंजाब में अपनी दो प्रोजेक्ट की घोषणा की हैैै जोकि पर्यायवरण सरंक्षण और अग्निवीर योजना को मजबूती प्रदान करेंगी। Ludhiana News
समूह के अध्यक्ष जगदीश राय सिंघल ने बताया कि इन प्रोजेक्ट में लुधियाना की शहरी बंजर भूमि को पुनर्जीवित करने और उन्हें हरे भरे वन क्षेत्रों में बदलने की अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अधिक क्षेत्रों को शामिल करने का प्रयास किया है। दूसरी ओर पंजाब में उनके समूह का लक्ष्य पूर्व अग्निवीरों में अपने कर्मचारी आधार में जोड़कर 10 हजार तक विस्तार करने का बीड़ा उठाया है।
सिंघल ने अपने विजन साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गत वर्ष 18 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात प्रोग्राम में दिये गये एक प्रेरक संबोधन को सुनने के बाद लुधियाना नगर निगम से संपर्क कर शहर के लगभग 5500 गज के कचरे के ढेर को मियावाकी (एक जपानी पर्यायवरण तकनीक) के माध्यम से वन क्षेत्र में बदलने की कवायद शुरू कर दी हैै।
निगम भी करेगा सहयोग | Ludhiana News
उन्होंने दो चरणों में पूरी होनी वाली परियोजना में कुल एक करोड़ रुपयों का योगदान दिया है। इसके अलावा 5500 गज के भूखंड के पूरा होने के बाद शहर की ही दो एकड़ अतिरिक्त भूमि को भी कचरे के ढेर से वन भूमि में बदल दिया जाएगा। शहर के छोड़े हुए दुर्गत अन्य पार्को को भी मियावाकी वन में बदलने के लिये निगम का सहयोग लिया जा रहा है।
उन्होंने पीएम के संबोधन में मियावाकी वन परियोजना का विस्तारपूर्वक अध्ययन किया और पाया कि लुधियाना में पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में काफी मददगार साबित हो सकती है। समूह के आरम्भिक दौर में बेहतरीन प्रणाम मिले और इस परियोजना के तहत नगर निगम के सहयोग से और अधिक क्षेत्रों को लाना चाहते हैं।
अग्निवीरों के लिए नौकरियां आरक्षित होंगी
उन्होंने अपनी दूसरी घोषणा में बताया कि समूह सरकार के अग्निवीर अभियान को मजबूती देंगे। समूह में वर्तमान में 5145 कर्मचारी हैं जोकि मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बिजनेस में शामिल हैं। समूह ने अपने विभिन्न आपरेशंस में अग्निवीरों के लिये नौकरियां आरक्षित करने का भी निर्णय लिया है जो अपनी सेवायें दे चुके हैं और सशस्त्र बलों में शामिल होने से असमर्थ होते हैं।
समूह ने पूर्व अग्निवीरों को रोजगार के अवसर प्रदान करवा कर वर्ष 2029 तक अपने कर्मचारी आधार को 10 हजार बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री के सेवानिवृत्त अग्निवीरों को नौकरी देने की अपील पर संज्ञान लेते हुये समूह ने फैसला किया कि आगामी सभी भावी भर्तियों में से पांच फीसदी पूर्व अग्निवीर होंगें।
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