मजदूरों की घर वापसी से आर्थिक गतिविधियां होंगी प्रभावित: सूूत्र

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नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र का मानना है कि कोरोना वायरस के अर्थव्यवस्था पर पड़े विपरीत प्रभावों से उबारने के लिए करीब 21 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा किये जाने के बावजूद लॉकडाउन से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के कारण मजदूरों के अपने घर लौटने से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। इस सूत्र ने शुक्रवार को यहां कहा कि कोरोना वायरस जैसी विषम परिस्थितियों में हर किसी के अपने परिवार के साथ रहना मानव की प्राकृतिक भावना के अनुरूप है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।

हालांकि सूत्र ने माना है कि मजदूरों के घर लौटने से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय के साथ इस पर चर्चा की जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बीच कुछ क्षेत्रों में दिये गये राहत और आर्थिक गतिविधियां शुरू होने से अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने की उम्मीद बनी है। उन्होंने कहा कि जहां जहां विनिर्माण आदि गतिविधियां शुरू हुयी हैं वहां संयंत्रों के अपनी क्षमता के 20 से 35 फीसदी तक काम करने की रिपोर्ट मिल रही है।

 

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