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डॉ. अशोक तंवर पूर्व ओएसडी केवी सिंह को मनाने पहुंचे डबवाली

Dr. Ashok Tanwar

– बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच हुई करीब एक घंटे बातचीत

  •  तंवर ने कहा सभी को अपनी बात रखने का है अधिकार, प्रदेश में कांग्रेस है एकजुट

सच कहँू/सुनील वर्मा
सरसा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व सरसा से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर संसदीय क्षेत्र में विभिन्न गुटों में बिखरी कांग्रेस व रूठे
पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को मनाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को डॉ. अशोक तंवर पूर्व ओएसडी एवं डबवाली से कांग्रेस पार्टी के कदावर नेता डा. केवी सिंह को मनाने डबवाली स्थित उनके कार्यालय पहुंचे। जहां उन्हें डा.केवी ङ्क्षसह समर्थकों व पार्टी कार्यकत्र्ताओं ने अशोक तंवर को खूब उलाहने देते हुए अपनी नाराजगियां व्यक्त की। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि नाराज कांग्रेस नेताओं व कार्यकत्र्ताओं को साथ लाने के प्रयासों में अशोक तंवर कितना सफल हो पाते हैं।

जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे बातचीत हुई। इस दौरान कुछ समय पार्टी कार्यकत्र्ता मौजूद रहे। जबकि कुछ समय दोनों नेताओं के बीच अलग से बातचीत हुई। डा. केवी ङ्क्षसह समर्थकों ने अशोक तंवर के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि आपने 2014 के चुनावों के समय डा.के.वी.  की टिकट का विरोध किया।

 केवी सिंह बोले, उनमें दूरियां नहीं कमनिकेशन गेप हो सकता है

इसके अलावा कार्यकत्र्ताओं ने कहा कि आप इतने लम्बे समय से हमारे बीच नहीं आए। जिस पर अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बनने की वजह से उन्हें पूरे हरियाणा मे जाना पड़ता था। इस वजह से समय कम मिल पाता था। जबकि टिकट दिलाना व कटवाना उनके हाथ में नहीं होता है। यह फैसला हाईकमान ने करना होता है। भविष्य में वे कार्यकत्र्ताओं को पूरा समय देंगे। इसके अलावा केवी समर्थकों ने तंवर से कहा कि वे वायदा करे कि आने वाले विधानसभा चुनावों में डा.केवी सिंह की टिकट को लेकर विरोध नहीं करेंगे।

कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि कई बार कन्फ्यूजन हो जाता है और उसका असर भी प्रतिकूल तरीके से पड़ता है। लेकिन सभी का भाव एक ही है कि पार्टी मजबूत हो। किसान-मजदूर-गरीब का राज आए। बड़ी लड़ाई जब होती है तो व्यक्तिगत मामले साइड में रख दिए जाते है। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए फिर से डॉ. केवी सिंह सहित पूरी कांग्रेस एक जुट है। कांग्रेस प्रदेश की दस की दस सीटों पर जीत हासिल करेगी।

जिस तरह शादी-विवाह में पूरा परिवार एकत्रित होता है, उसी प्रकार चुनाव भी एक बड़ा कार्यक्रम होता है। जिसमें सभी एक साथ होते है और सभी अपनी अपनी बात रखते हैं। जब पूरी कांग्रेस एक साथ मैदान में होगी तो सरसा संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का माहौल एक तरफा होगा। वहीं कांग्रेस नेता डा.के.वी. ङ्क्षसह ने कहा कि उनके और डॉ. अशोक तंवर के बीच कोई दूरियां नहीं है।

बल्कि कुछ कमनिकेशन गेप हो सकता है। हमारे बीच में कोई भी मनभेद व मतभेद नही है। 2009 के चुनावों में डॉ. तंवर उनके डबवाली हल्के से जीत कर गए थे। जबकि पिछले चुनाव में भी सरसा संसदीय क्षेत्र के नौ हल्कों में से सबसे ज्यादा वोट तंवर को डबवाली हल्के में मिले थे। अब यहां हालात बदल गए है। क्योंकि यहां मुख्य विपक्षी दल इनेलो है जोकि अब दो फाड़ हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी का कोई वजूद नहीं है यहां।

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