कृषि अध्यादेशों के नाम तक पता नहीं, किसान नेता बन समर्थन में निकाली रैली

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Do not know the names of agricultural ordinances, rally took place in support

अध्यादेशों को लागू करने की मांग को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन

भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। दिन-रात गर्मी-सर्दी की परवाह किए बिना देश का पेट भरने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले अन्नदाता पर लागू किए जा रहे तीन अध्यादेशों पर अब सियासत के साथ असली-नकली अन्नदाता की लड़ाई शुरू हो गई है। बात करें भिवानी की तो यहां कुछ किसान संगठन सड़कों पर उतरे और उन्होंने पिपली वाले किसानों को विपक्षी दलों के समर्थक बताते हुए तीनों अध्यादेशों को किसान हित में बताया और इन्हें जल्द लागू करने के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री को ज्ञापन भेजा। ट्रैक्टर लेकर रैली के रूप में सड़कों पर उतरे किसान संगठन नए हैं, लेकिन इनकी मांग, मांग कम और किसानों को लेकर हो रही सियासत के साथ असली-नकली की लड़ाई ज्यादा नजर आई। तीनों अध्यादेशों को किसान हित में बताते हुए लागू करवाने की मांग को लेकर किसान नेता गुरदीप सिंह व कुलदीप ने कहा कि उनका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं, लेकिन ये तीनों अध्यादेश किसानों के हित में हैं। हालांकि जब इनसे पूछा गया तो इन्हें अध्यादेशों के बारे में पूरी जानकारी तो दूर की बात, उनके नाम तक पता नहीं थे। इनका कहना था कि बस किसी भी प्रदेश की मंडी में फसल बेचने की आजादी और बाहरी कंपनी की मांग पर फसल की बिजाई से किसानों का हित होगा। इन्होंने कहा कि जो इन अध्यादेशों का विरोध करने पिपली पहुंचे थे, वो किसान नहीं बल्कि विपक्षी दलों के समर्थक थे। इसके अलावा जीन्द, कैथल, हिसार, पानीपत सहित अन्य जिलों में भी अध्यादेशों के पक्ष में ऐसा समर्थन देखने को मिला।

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