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बिना संगठन की फौज के कैसे चुनावी जंग लडेÞगा सेनापति तंवर?

District Committees not at District level

-ब्लाक अध्यक्ष से लेकर अभी तक नहीं बन पाए हैं जिला अध्यक्ष

-जिला स्तर पर नहीं है जिला कमेटियां, न ही ब्लाक स्तर पर बन पाई हैं कमेटियां

चंडीगढ़ सच कहूँ/अश्वनी चावला । लोकसभा की चुनावी जंग में उतरने वाली कांग्रेस ऐसी पार्टी है जिसके पास जंग लड़ने के लिए सेनापति तो है परन्तु इस उस सेनापति के पास जंग में आगे बढ़ने के लिए संगठन की फौज नहीं है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने किसी भी तरफ से मदद नहीं मिलने के बावजूद भी अपने स्तर पर कुछ स्ट्रक्चर खड़ा करने की कोशिश तो की है, परंतु इस स्ट्रक्चर को ही चलाने वाले जिला कांग्रेस अध्यक्ष या ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति करवाने में तंवर सफल नहीं हो पाए हंै।

जिसके चलते हरियाणा की 10 सीटों पर विपक्षी पार्टियों से लोहा लेने के लिए सेनापति के पास ना ही जिला अध्यक्ष है और ना ही ब्लॉक अध्यक्ष है। यहां तक कि चुनाव के समय प्रचार प्रसार व सारा प्रोग्राम तय करने वाली कमेटियों का भी अभी तक गठन नहीं किया गया। इस कारण इस चुनावी जंग में कांग्रेस को संगठन की कमी जरूर करने वाली है और जिसका नुकसान कांग्रेस को हर हालत में होने वाला है।

5 सालों में तंवर नहीं तैयार कर पाए अपना संगठन

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर अशोक तंवर को 5 साल पहले तो बैठा दिया गया था परंतु इन 5 सालों में तंवर न ही अपना संगठन तैयार कर पाए और न ही पदाधिकारियों की नियुक्ति कर पाए। हालांकि तवर की तरफ से इन 5 सालों में पदाधिकारियों की तैनाती व जिला में ब्लाक स्तर पर अध्यक्ष को लगाने के बारे में कई बार दिल्ली हाईकमान तक भी पहुंच गई, परंतु तंवर पिछले 5 सालों में नहीं अपना संगठन की लिस्ट ही हाई कमान से जारी नहीं करवा पाए। हरियाणा कांग्रेस में जिला  या ब्लॉक स्तर अध्यक्ष के साथ-साथ राज्य स्तर के पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं कर पाने के चलते अशोक तवर एक ऐसे सेनापति हैं जिनके पास इस लोकसभा चुनाव में लड़ने के लिए फौज नहीं है।

जिला व ब्लॉक अध्यक्ष निभाते हैं अहम भूमिका

राज्य में किसी भी स्तर का चुनाव हो, पंचायती चुनाव में एक गांव के सरपंच से लेकर में देश के प्रधानमंत्री को चुनने के लिए होने वाले सभी चुनावों में शुरू से ही ब्लॉक व जिला स्तर के अध्यक्ष अपनी अहम भूमिका निभाते हैं और इन चुनावों में भी जिला व ब्लॉक अध्यक्ष की भूमिका अहम रहने वाली है, क्योंकि वोटर को घर से बूथ तक लाने के लिए यह दोनों स्तर के अध्यक्ष भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस के पास इन अध्यक्षों के सहित संगठन की बहुत बड़ी कमी है।

‘‘इस बात से कतई इंकार नहीं करेंगे कि हरियाणा में जिला में ब्लाक स्तर के अध्यक्षों को लगाने में कांग्रेस अभी तक सफल नहीं हो पाई परंतु यह भी नहीं कहा जाना चाहिए कि कांग्रेस के पास हरियाणा में मजबूत संगठन नहीं है। हरियाणा में कांग्रेस ने कई स्तर के संगठनों में पदाधिकारी लगाने के साथ-साथ बूथ स्तर पर कार्यकर्ता की तैनाती कर दी गई है। चुनाव प्रक्रिया में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होती है इस भूमिका को निभाने के लिए पर्याप्त संगठन कांग्रेस के पास है।
-तरण भंडारी, हरियाणा कांग्रेस प्रवक्ता।

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