- पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा नें बदली अनेकों जिंदगियां
- रोजाना नशे के 80 इंजेक्शन लगाने वाले नशेड़ियों ने भी की नशों से तौबा
सरसा। यह सच है कि नशा नाश की जड़ है। नशा इन्सान को कहीं का नहीं छोड़ता। तन से कमजोर,अंदर से कमजोर ,समाज में घृणा का पात्र, परिवार में कलह का कारण, तबाही और बबार्दी का रास्ता। यह शरीर के साथ-साथ चरित्र का भी पतन करता है। वहीं पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पवित्र प्रेरणा से अब तक नशा करने वाले करोड़ों लोगों ने नशों से हमेशा के लिए तौबा कर न केवल नर्क जैसी जिंदगी को संवारा है बल्कि वे आज समाज के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बने हैं।
नशे के 80-80 इंजैक्शन रोजाना लगाने वाले नशेड़ी भी यहां आकर इस तरह से बदले कि जमाना आज उन्हें हैरत भरी नजरों से देखता है। पूज्य गुरू जी के पावन वचनों की बदौलत आज ऐसे अनेकों घरों में उजाला आया है जिनके दूषित कृत्यों के कारण दुनिया कभी उनके पास जाना तो दूर उनसे आंख मिलाना तक पसंद नहीं करती थी।
उनकी जिंदगी ने एकदम से ऐसी करवट ली कि आज वे पहले से सम्मानजनक जिंदगी जी रहे हैं। आईए आपको बताते हैं ऐसा क्या है डेरा सच्चा सौदा में कि यहां लोग दुनियावी नशों को छोड़ अपनी अनमोल जिंदगी को संवार रही हैं। ऐसे यहां लाखों-करोड़ों उदाहरण मिल जाएंगे जो हर रोज शराब आदि नशों पर हजारों रूपए खर्च कर देते थे और आज नशे का त्याग कर वे खुशहाल जिंदगी बीता रहे हैं। नशा छोड़ने से उन्हें न केवल आर्थिक फायदा हुआ, बल्कि शारीरिक व चारित्रिक पतन होने से भी बच गए।
नशीले पदार्थों के लग जाते हैं ढ़ेर
पूज्य गुरू जी जब अलग-अलग स्थानों पर रूहानी सत्संग फरमाते और वहां उपस्थित लोगों से जीवन में कभी किसी तरह का नशा न करने का प्रण करवाते तो उस दौरान नशेड़ी अपनी जेबों से नशे का सामान जैसे बीड़ी, सिंगरेट, जर्दा, सुपारी आदि निकाल फेंकते थे तो सत्संग स्थल पर नशीले पदार्थों के ढेर लग जाते थे।
जनजागरूकता रैलियां
नशों, कन्या भ्रूण हत्या व वेश्यावृति समेत अनेक सामाजिक कुरीतियों के विरोध में डेरा सच्चा सौदा की साध संगत व शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के तत्वाधान में देश व दुनियाभर में जनजागरूकता रैलियां निकालकर लोगों को जागरूक किया गया।
नशा ही है अपराध बढ़ने का कारण
हिंसा, बलात्कार, चोरी, आत्महत्या आदि अनेक अपराधों के पीछे नशा एक बहुत बड़ी वजह है। शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए एक्सीडेंट करना, शादी शुदा व्यक्तियों द्वारा नशे में अपनी पत्नी से मारपीट करना आम बात है। मुँह ,गले व फेफड़ों का कैंसर, ब्लड प्रैशर, अल्सर, यकृत रोग, अवसाद एवं अन्य अनेक रोगों का मुख्य कारण विभिन्न प्रकार का नशा है।
जीवन में नशा न करने का प्रण
नशों रूपी बीमारी से पीछा छुड़ाने के लिए पूज्य गुरू जी ने राम नाम की ऐसी दवा बताई है जिसका नशा एक बार चढ़ जाए तो वो दोनों जहानों में नहीं उतरता। पूज्य गुरू जी लोगों के दुनियावी नशे छुड़वाकर राम नाम का नशा बताते हैं। 1948 में पूज्य सार्इं बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज द्वारा डेरा सच्चा सौदा की स्थापना किए जाने से लेकर आज तक देश व दुनियाभर के करोड़ों लोगों ने गुरूमंत्र लेकर गंदे से गंदे नशों से तौबा की है। रूहानी सत्संगों के सफरनामे के दौरान पूज्य गुरू जी के आवा्हन पर अब तक करोड़ों लोगों ने हाथ खड़े कर जीवन में नशा न करने का प्रण लिया है।