पर्यावरण संरक्षण। हरियाली बचाने को अब तक दुनियाभर में लगाए जा चुके चार करोड़ से अधिक पौधे
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। धरती सजी रहे वृक्ष से, पेड़ों की फैली छांव हो…पर्यावरण संरक्षण के इसी संदेश के साथ आज डेरा सच्चा सौदा ने विश्व स्तर पर पहचान बना ली है। मानवता भलाई कार्यों में अग्रणीय सर्व धर्म संगम डेरा सच्चा सौदा ने मानवीय प्रयासों को तेज बनाते हुए प्रदूषित पर्यावरण को विभिन्न आधुनिक तकनीकों व तौर-तरीकों के जरिये शुद्ध करने का बीड़ा उठाया है। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां पिछले कई वर्षों से वायु, जल व भूमि प्रदूषण रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते आ रहे हैं।
परिणामस्वरूप डेरा सच्चा सौदा आज पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक मिसाल कायम कर दुनिया के लिए प्रेरणास्त्रोत बना है। वर्ष 2009 से शुरू हुए पौधारोपण अभियान के सफर को अब पूरे आठ साल बीत चले हैं। अब तक डेरा सच्चा सौदा के पर्यावरण प्रहरियों द्वारा 4 करोड़ 18 लाख 94 हजार 527 पौधे रोपित किए जा चुके हैं तथा उनकी सार-संभाल का सिलसिला लगातार जारी है। यही नहीं पौधारोपण में डेरा सच्चा सौदा के नाम चार विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। पर्यावरण के अस्तित्व को बचाने के लिए पूज्य गुरू जी ने जो कर दिखाया है वो जमाने के लिए एक आश्चर्य के समान है।
2009 को एक घंटे में लगाए थे 938007 पौधे
डेरा सच्चा सौदा द्वारा आज देश व समूची दुनिया में पौधारोपण के साथ-साथ ‘हो पृथ्वी साफ, मिटें रोग अभिशाप’के तहत शहरों गांवों व नदियों के आंचल को गंदगी से मुक्ति दिलाने हेतू महासफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। यही नहीं डेरा सच्चा सौदा द्वारा मानव अस्थियों से पर्यावरण सुरक्षा, किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ जल संरक्षण, फसलों के अवशेषों को न जलाने व पॉलीथिन की जगह थैले का प्रयोग करने को जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया जा रहा है। हर नागरिक डेरा सच्चा सौदा द्वारा प्रयोग में लाई जा रही पर्यावरण तकनीकों को इस्तेमाल में लाए तो वह दिन दूर नहीं, जब हम शीघ्र ही खतरे में पड़े पर्यावरण के अस्तित्व की सुरक्षा करने के साथ-साथ धरती पर साफ-सुथरी आबो-हवा लाने में मददगार होंगे।
बच्चों की भांति करें पौधों की संभाल
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि पौधा एक दोस्त होता है, इसकी पूरी संभाल करें। पौधे प्रदूषण व बीमारियों से राहत देते हैं, जिससे पूरी सृष्टि का भला होता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं तथा उनकी अपने बच्चों की तरह संभाल करें।