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Wednesday, April 1, 2026
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    चंडीगढ़ के डेरा अनुयायियों ने किया 27 यूनिट रक्तदान

    Dera followers of Chandigarh donated 27 units of blood

     कोरोना योद्धा बनकर निभा रहे मानवता का फर्ज

    सच कहूँ/अनिल कक्कड़ चंडीगढ़। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा आज रक्तदान के क्षेत्र में विश्व विख्यात है। डेरा सच्चा सौदा का हर श्रद्धालु चलता फिरता ‘ब्लॅड पंप’ है। किसी भी समय किसी भी व्यक्ति को यदि रक्त की जरूरत होती है तो डेरा श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के तुरंत रक्तदान के लिए पहुंच जाते हैं। चंडीगढ़ में भी यह सिलसिला सालों से जारी है, जहां एमएसजी ट्रयू ब्लॅड पंपों ने रक्तदान करके अनेक लोगों की जान बचाई है। ‘विश्व रक्तदाता दिवस’ के अवसर पर डेरा सच्चा सौदा के इन सेवादारों ने पीजीआई में थैलेसीमिया मरीजों के लिए 27 यूनिट रक्तदान करके मानवता का फर्ज अदा किया। इस बाबत जानकारी देते हुए रक्तदान समिति के जिम्मेवार राजेश इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए स्थानीय साध-संगत, खास तौर पर युवा सेवादार लगातार जरूरतमंद मरीजों के लिए पीजीआई, अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में रक्तदान कर रहे हैं।

    बीते सप्ताह में जरूरतमंद मरीजों को दिया 16 यूनिट रक्तदान

    राजेश इन्सां ने बताया मुख्य अस्पतालों के ब्लॅड बैंक लगातार उनसे रक्तदान के लिए संपर्क करते रहते हैं तथा पूज्य गुरू जी की कृपा से स्थानीय सेवादार किसी भी मरीज को रक्तदान के संबंध में निराश नहीं होने देते। उन्होंने बताया कि गत सप्ताह के दौरान सेवादारों ने विभिन्न अस्पतालों में 16 यूनिट रक्तदान किया एवं जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई। उन्होंने बताया कि बीते सप्ताह कवात्रा इन्सां, मंदीप इन्सां, विनीत इन्सां, मनप्रीत इन्सां, संदीप इन्सां आदि ने रक्तदान किया एवं बाकी का रक्त मॉस्टर कॉर्ड द्वारा मुहैया करवाया गया।

    व्हाटसेप के जरिए जुड़े हैं सभी रक्तदानी

    राजेश इन्सां ने कहा कि सभी रक्तदानी सेवादार उनके साथ व्हाटसेप से जुड़े हुए हैं। जब भी उनके पास किसी रक्तदान की रिक्वायरमेंट का कॉल आता है तो वे तुरंत उसे अपने सेवादारों के गु्रप में शेयर कर रक्तदान का इंतजाम करवाते हैं। इन्सां बताते हैं कि पूज्य गुरू जी प्रेरणा अनुसार किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है, और सेवादार अपनी ओर से पूरी कोशिश कर किसी भी मरीज को रक्त की कमी नहीं आने देते।

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