कोरोना की टेस्टिंग फीस आधी करना सही, पर अधूरा फैसला : दीपेंद्र हुड्डा

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Coronas testing fees half, but incomplete decision Dependra Hooda

दिल्ली और तमिलनाडु की तरह प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की फीस भी की जाए तय

  •  3 गुना बढ़ाई जाए टेस्ट की संख्या, एंटीजन रैपिट टेस्ट तकनीक का भी हो इस्तेमाल
चंडीगढ़ सच कहूँ/अनिल कक्कड़। प्रदेश सरकार की तरफ से कोरोना टेस्ट फीस आधी करने की मांग माने जाने के बाद राज्यसभा सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फीस कम करने के कदम को सही बताया है। साथ ही कहा है कि सरकार का फैसला अभी अधूरा है। कोरोना की गंभीरता को देखते हुए सरकार सकारात्मक सुझावों को किश्तों की बजाय एकमुश्त लागू करे। सांसद ने दोहराया है कि प्रदेश में जिस गति से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए दिल्ली की तर्ज पर यहां भी 3 गुणा टेस्टिंग करने की भी जरूरत है। प्रदेश सरकार को हर कंटेनमेंट और हॉट जोन में रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा मुहैया करवानी चाहिए। इस तकनीक से 15-30 मिनट में टेस्ट की रिपोर्ट आ जाती है। इतना ही नहीं सरकार को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की फीस पर भी नकेल कसनी चाहिए। गुड़गांव और फरीदाबाद समेत कई जगहों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि प्राइवेट अस्पताल मरीजों को भारी भरकम बिल थमा रहे हैं। पहले से आर्थिक तंगी और बीमारी की मार झेल रहे लोगों के साथ ये बड़ी ज्यादती है। इसलिए सरकार को हरियाणा में भी दिल्ली की तरह फीस कैपिंग करनी चाहिए। दिल्ली में आईसोलेशन बेड के 8 हजार, बिना वेंटिलेटर के 13 हजार, आईसीयू वेंटिलेटर के 15 हजार रुपये तय किए हैं। इनमें पीपीई किट की कीमत भी शामिल है। वहीं, तमिलनाडु में प्राइवेट अस्पताल के जनरल वार्ड में इलाज की अधिकतम साढ़े सात हजार और आईसीयू की 15 हजार रुपये फीस तय की गई है।

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