सरकार के घोटालों को उजागर करने के लिए प्रदेश भर में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस : भूपेन्द्र हुड्डा

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Congress to hold demonstrations across the state to expose government scams Bhupendra Hooda

 खराब आर्थिक हालात में कर्मचारियों को वेतन देना भी हुआ दूभर

  • 1983 पीटीआई का रोजगार बचाने के लिए विधानसभा में प्राइवेट मेंबर बिल लाएगी कांग्रेस
  • लॉकडाउन में 30 हजार रजिस्ट्रिओं में हुई धांधली!
सच कहूँ ब्यूरो चंडीगढ़। बरोदा उपचुनाव से पहले प्रदेश में शराब घोटाला मामले को विपक्षी दल भुनाने पर जुट गए हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि मौजूदा सरकार में ताबड़तोड़ घोटाले हो रहे हैं। शराब और रजिस्ट्री का घोटाला इतना बड़ा है कि लाख कोशिशों के बावजूद सरकार इसे दबा नहीं पाई। सरकार पूरे शराब घोटाले को अधिकारियों पर डालने की कोशिश कर रही है जबकि विपक्ष की मांग है कि असली घोटालेबाजों का पर्दाफाश होना चाहिए। ऐसे में जरूरी है कि इसकी जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज, सीबीआई या जेपीसी की तरह विधानसभा की कमेटी बनाकर करवाई जाए, जिसमें सभी दलों के विधायक शामिल हों। हुड्डा मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
रजिस्ट्री घोटाले का जिक्र करते हुए हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार में कई साल से अवैध कॉलोनियां बसाने का गोरखधंधा चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान भी 32 शहरों में करीब 30,000 रजिस्ट्रियों में धांधली के खेल का खुलासा हुआ है। इतना ही नहीं लॉकडाउन में सरसों और चावल खरीद में धांधली सामने आई है। जींद के बीजेपी विधायक ने तो खुद मान लिया है कि जींद में हर ईंट पर भ्रष्टाचार की मोहर लगी है। वहां 4 साल में भाजपा नेता ने जमकर घोटाले किए।

‘‘एक अजीब सी हालत है तेरे आने के बाद, सुबह का दर्द शाम तक पुराना हो जाता है’’

पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष ने शराब घोटाला, रजिस्ट्री घोटाला, सरसों, चावल, धान खरीद, यमुना खनन, अरावली खनन, ओवरलोडिंग, रोडवेज किलोमीटर स्कीम, भर्ती, पेपर लीक, दवा खरीद, बिजली मीटर खरीद, बिजली चोरी, छात्रवृत्ति, राशन, फसल बीमा योजना समेत कई घोटालों की फेहरिस्ट सांझा की। तमाम घोटालों को लेकर सरकार पर शायराना अंदाज में तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि एक अजीब सी हालत है तेरे आने के बाद, सुबह का दर्द शाम तक पुराना हो जाता है। हर 15 दिन बाद एक घोटाला पुराना हो जाता है और नया घोटाला सामने आज जाता है। कांग्रेस इन घोटालों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी और जरुरत पड़ी तो राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपेगी।

घोटालों की वजह से खस्ता हुई प्रदेश की वित्तीय स्थिति

हुड्डा ने कहा कि घोटाले पर घोटाले करके मौजूदा सरकार ने प्रदेश के राजस्व को खाली कर दिया है। प्रदेश पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। सरकार कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर रही है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर रोक लगा दी गई है। अब उनको वेतन देना भी दूभर हो गया है। उन्हें जो वेतन 1 तारीख को मिलना चाहिए था, वो अब 20 तारीख तक मिलता है। सरकार ने जो करोड़ों रुपये घोटालों में उड़ाए गए, अगर वो सरकारी खजाने में जाते तो उसका सीधा फायदा आम जनता को होता।

कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही प्रदेश सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी और किसान विरोधी फैसले ले रही है। इसी वजह से आज पक्के और कच्चे कर्मचारी आंदोलनरत हैं। आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड डे मील वर्कर और आगंनबाड़ी सुपरवाइजर सड़कों पर हैं। सरकार रोजगार देने की बजाए, रोजगार छीनने में लगी है। पहले 1983 पीटीआई और अब खेल कोटे से ग्रुप डी में भर्ती हुए 1500 कर्मचारियों को भी नौकरी से निकालने की तैयारी है। लेकिन कांग्रेस कर्मचारियों के साथ खड़ी है और पीटीआई की बहाली के लिए विधानसभा के मॉनसून सत्र में प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएगी।

किसानों से जबरदस्ती वसूली जा रही तीन गुणा बीमा राशि

सरकार के 3 नए कृषि अध्यादेशों के बारे में हुड्डा ने कहा कि देशभर के किसान इसका विरोध कर रहे हैं। क्योंकि इसमें कहीं भी एमएसपी का जिक्र नहीं है। इससे सरकारी मंडियां और सरकारी खरीद तंत्र कमजोर होगा और सीधा लाभ पूंजीपतियों को होगा। अगर सरकार किसानों के हक में कोई फैसला लेना ही चाहती है तो उसे एक और अध्यादेश लाना चाहिए, जिसमें किसानों को एमएसपी देने का वादा शामिल हो। अगर मंडी से बाहर कोई पूंजीपति किसान की फसल एमएसपी से कम रेट पर खरीदता है तो उसको दंडित करने का प्रवाधान किया जाए। सरकार को अपना वादा निभाते हुए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक सी2 फार्मूले के तहत एमएसपी तय करना चाहिए। कोरोना और मंदी के दौर में सरकार ने बीमा की किश्त में करीब 3 गुणा बढ़ोत्तरी कर दी। पहले किसान को कपास बीमा के लिए 620 रुपये देने पड़ते थे, उसे बढ़ाकर 1650 रुपये कर दिया है। दिल्ली जैसे प्रदेश ने डीजल के रेट में 8 रुपये की कटौती कर दी लेकिन हरियाणा सरकार ने किसानों को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया।

‘पदक लाओ, पद पाओ नीति’ को ‘भेदभाव नीति’ बनाया

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने हमारे कार्यकाल के दौरान खिलाड़ियों के लिए बनाई गई ‘पदक लाओ, पद पाओ नीति’ को ‘भेदभाव नीति’ बना दिया है। तमाम खिलाड़ी सवाल कर रहे हैं कि उन्हें नियुक्तियां क्यों नहीं दी जा रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, मंजीत चहल, अमित पंघाल, नीरज चोपड़ा, बॉक्सर मनोज, विनेश फोगाट, एकता भ्यान और अमित सरोहा जैसे खिलाड़ी आज भी पद से वंचित हैं।
खेल नीति के अलावा नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा नीति पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में गरीब तबके के आरक्षण को लेकर स्पष्टता नहीं है। इसलिए इस तबके में काफी संशय हैं, जिन्हें दूर करना चाहिए। हरियाणा की अगर बात की जाए तो शिक्षा के स्तर को लेकर हमारी सरकार के दौरान पूरे देश में हरियाणा चौथेपायदान पर था, लेकिन बीजेपी सरकार में खिसककर 10वें पायदान पर पहुंच गया।

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