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घुबाया का कांग्रेस में अंदरखाते विरोध, टिकट को लेकर घमासान तय, फिरोजपुर सीट के कई दावेदार

Congress
  • नाराज कांग्रेसी कैप्टन और जाखड़ के समक्ष सुनाएंगे अपना दुखड़ा
  • कंबोज बिरादरी के करीब 2 लाख वोट, फिर भी 25 साल से नहीं जीती कांग्रेस

चंडीगढ़ (एजेंसी) फिरोजपुर संसदीय सीट से सांसद शेर सिंह घुबाया के कांग्रेस में शामिल होते ही प्रदेश कांग्रेस इकाई में हलचल तेज हो गई है। पार्टी आलाकमान से लोकसभा चुनाव में घुबाया को फिरोजपुर से टिकट देने के संकेत मिलने पर पहले टिकट का दावा कर रहे कांग्रेसियों में नाराजगी है। इस सीट पर राणा गुरमीत सिंह सोढी टिकट के प्रबल दावेदार हैं।

वैसे इस सीट पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ भी गुरदासपुर सीट छोड़कर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई कांग्रेसियों को घुबाया के पार्टी में शामिल होने से अपनी टिकट कटती दिख रही है। हालांकि कांग्रेस ने अभी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की इसके बावजूद अंदरखाते घुबाया का विरोध शुरू हो गया है।

कंबोज बिरादरी के करीब 2 लाख वोट, फिर भी 25 साल से नहीं जीती कांग्रेस :

हालांकि इस संसदीय सीट पर कांग्रेस समर्थित रही कंबोज बिरादरी के वोट भी करीब 2 लाख से ज्यादा हैं फिर भी खास बात यह है कि बीते 25 साल से इस संसदीय सीट पर कांग्रेस को कभी जीत हासिल नहीं हो सकी है। घुबाया को इस सीट से टिकट दिए जाने की अटकलों को लेकर विरोधी स्वर भी उठने लगे हैं।

घुबाया को मिलता है राय बिरादरी का स्पोर्ट :

2009 और 2014 में लगातार दो बार फिरोजपुर संसदीय सीट से अकाली दल के टिकट पर जीते घुबाया को हलके में राय सिख बिरादरी का समर्थन मिलता रहा है, जिनकी आबादी लगभग दो लाख से अधिक है। उनके कांग्रेस में शामिल होते ही राय सिख बिरादरी के तेवर बदल गए। घुबाया से दूरी बनाए रखने वाली कंबोज बिरादरी ने भी नए बन रहे समीकरणों के चलते घुबाया के खिलाफ है।

टिकट कटने की संभावना से नाराज हैं कई कांग्रेसी :

घुबाया के कांग्रेस में शामिल होने और उन्हें फिरोजपुर से टिकट दिए जाने की संभावनाओं को देखते हुए फिरोजपुर हलके के कई कांग्रेसी नाराज होने शुरू हो गए हैं। यह नेता अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ के दरवाजे पर अपना दुखड़ा रोने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस के लिए भी घुबाया का टिकट काटना आसान नहीं होगा। क्योंकि वह सांसद हैं। लेकिन दूसरी ओर कांग्रेस को अपने दावेदारों की भी चिंता सता रही है।

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