राजस्थान

प्राकृतिक आपदा की घड़ी में हम जनता के साथ: सीएम

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 बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त

  •  लापरवाही बरतने वालों को नहीं जाएगा बख्शा

जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश में खासकर जालौर, सिरोही, पाली एवं बाड़मेर जिलों में बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर एक बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव अशोक जैन सहित सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंंत्री ने इस बैठक में साफ-साफ निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जाए। इसमें कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

यहां उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने गत दिवस बाढग्रस्त इलाके में जाने के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना हुई थी लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे जालोर नहीं उतर सकी। उन्होंने हवाई सर्वे जरूर किया। इसके बाद जयपुर पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली और कहा कि संकट और प्राकृतिक आपदा की घड़ी में सरकार हर पल वहां के लोगों के साथ खडी है। हर सम्भव मदद करने को तैयार है। बाढ़ की सम्भावना के साथ ही तुरन्त प्रभाव से प्रभारी मंत्रियों और अधिकारियों को प्रभावित जिलों में भेजा गया, जो निरन्तर गत 24-25 जुलाई से राहत गतिविधियों के संचालन का जायजा एवं स्थिति को नियत्रंण में रखे हुए है।

किसानों का शॉर्ट टर्म लोन मीडियम में जाएगा बदला

राजस्व विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी के आदेश दिए हैं। इन इलाकों में 2.95 लाख किसानों के 1310 करोड़ रुपए के शॉर्ट टर्म लोन को मिडियम टर्म लोन में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 196.05 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि व्यय करेगी, जिसे भारत सरकार को राहत कार्यों में सहायता के लिए भेजे जा रहे अंतरिम ज्ञापन में शामिल किया गया है।

अब तक 11 हजार लोगों को पहुंचाया सुरक्षित

इससे पूर्व गत 26 जुलाई को मुख्यमंत्री ने विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की थी तथा जिला कलक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। अब तक 11 हजार से अधिक व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। जिसमें 42 लोगों की जाने वायु सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से बचाई गई है। इसके अलावा 1107 लोगों की जान हेलीकॉप्टर के माध्यम से बचाई गई है।

हेलीकॉप्टर और आर्मी सहित राहत टीमें अलर्ट

बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग ने जानकारी दी कि जालौर के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, आर्मी की तीन टीमें, एसडीआरफ की एक टीम तथा दो हेलीकॉप्टर राहत कार्यों के लिए उपलब्ध हैं। इसी प्रकार, पाली के लिए एनडीआरएफ की एक टीम तथा एसडीआरफ की एक टीम तथा 24 होमगार्ड सहित आर्मी की एक टीम उपलब्ध है। इसके अलावा, सिरोही और जालौर के लिए गाजियाबाद से एनडीआरएफ की दो अतिरिक्त टीमें दिनांक गत 24 जुलाई से ही उपलब्ध कराई गई है। विभाग के अधिकारियों ने एनडीआरएफ मुख्यालय दिल्ली से बात कर चैन्नई से भी अतिरिक्त राहत बचाव दलों की मांग की है। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर कोटा, उदयपुर, जालौर, सिरोही, तथा अन्य जिलों में त्वरित गति से राहत एवं बचाव कार्य करने के लिए 6 हेलीकॉप्टर तथा सेना के कॉलम को अलर्ट रखा गया है।

12 हजार पशुधन की ली सुध

इस दौरान 12,223 बीमार पशुधन का ईलाज किया जा चुका है तथा 6164 का टीकाकरण किया गया है। जालौर जिले में पथमेड़ा गौशाला के लिए 13, महावीर हनुमान गौशाला के लिए 13 और ठाकुर गौशाला के लिए 5 पशु चिकित्सक तथा पैरा वेटेनरी स्टाफ को तैनात किया गया है। 1.89 करोड़ की दवाईयां प्रभावित क्षेत्रों में भिजवाई गई हैं तथा अतिरिक्त आवश्यकता हेतु प्रत्येक जिले को 5 लाख रुपए की राशि दी गई है। प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त मोबाइल टीमों को भेजा गया है। गौपालन विभाग द्वारा जालौर, सिरोही तथा पाली जिले की 196 गौशालाओं को गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि से 21.24 करोड़ रुपए स्वीकृत एवं वितरित किए जा चुके हैं। जालौर जिले की श्रीगोपाल गोवर्धन गौशाला, पथमेड़ा तथा महावीर हनुमान गौशाला, गोलासन में संधारित 14,778 गौवंश के लिए 5.03 करोड़ रुपए की सहायता हाल ही में दी गई है।

चिकित्सकों के अवकाश निरस्त

सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए चिकित्सकों एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं। कुल 150 मेडिकल टीमों के साथ-साथ वेटनरी टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है। जिला कलक्टर, जालौर की मांग पर 20 मैट्रिक टन पशु आहार राजफैड़ द्वारा रवाना कर दिया गया है। पेयजल की व्यवस्था के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने प्रभावित 15 में से 13 कस्बों में सेवाएं बहाल कर दी है तथा ग्रामीण क्षेत्र के 873 अन्य प्रभावित रिहायशी इलाकों में से 75 को फिर से सुचारू किया गया है। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 180 अभियंता एवं 2175 तकनीकी स्टाफ तैनात किया गया है। अब तक 1111 खम्भे एवं 207 ट्रांसफार्मर तथा 56 किलोमीटर बिजली की लाइन दुरूस्त की जा चुकी है।

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