Strictness: मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा की प्रदेश के अधिकारियों को दो टूक

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Strictness

पहल के आधार पर हो सैनिकों और उनके परिजनों के काम

(Keshini Anand Arora)

  •  सचिवालयों में धक्के खाने की न आए नौबत

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। देश की जनता आराम से देश में रह सके इसके  (Keshini Anand Arora) लिए सरहद पर अपनी जान की बाज़ी लगाकर सैनिक दिन-रात एक किए रहते हैं। लेकिन विडंबना है कि इन सैनिकों को या इनके परिजनों को जब भी किसी प्रदेश, जिला या ब्लॉक स्तर के सरकारी दफ्तर में कोई काम के लिए जाना पड़ता है तो इन्हें जरूरत से ज्यादा धक्के खाने पड़ते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने सैनिकों के मान-सम्मान और उनके समय की बचत करने के लिए प्रदेश के अधिकारियों को विशेष आदेश जारी किए हैं। जिसमें प्रदेश के कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों एवं एसडीएस आदि से कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जब भी कोई सैनिक या उसके परिवार के सदस्य किसी सरकारी कार्य हेतु सरकारी कार्यालयों में जाए तो उनके साथ स्नेह एवं सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हुए उनके कार्यों का शीघ्र निपटान किया जाए।

 उनके लिए अलग से सेवा काउंटर लगाए जाएं

इस बाबत लिखित में पत्र जारी किए प्रदेश की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने अधिकारियों को लिखा है कि ‘‘हमारे सशस्त्र बल विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की सेवा एवं सुरक्षा में रहते हैं। अपने घर-परिवारों से हजारों किलामीटर दूर जोखिम भरे इलाकों और खराब मौसम में भी देश की सुरक्षा में ये दिन-रात लगे रहते हैं। इनमें सशस्त्र बलों में थलसेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र बल जैसे कि बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआरपीएफ आदि एवं इनके सेवानिवृत कर्मी और अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे में हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम उनकी और उनके परिजनों की अच्छी तरह देखभाल करें।’’

वहीं मुख्य सचिव ने आगे कहा कि सैनिकों को साल में केवल सीमित समय के लिए ही अपने घर जाकर लंबित घरेलू काम-काज को देखने का अवसर मिलता है, ऐसे में बहुत से कार्य ऐसे होते हैं, जो कि सरकार में विभिन्न स्तरों और विभिन्न कार्यालयों से संबंधित होते हैं।

अलग से लगें सेवा काउंटर, विशेष जनप्रतिनिधि हो नियुक्त

  • कोई सैनिक या उसे परिवार का सदस्य किसी सरकारी कार्य हेतू सरकारी कार्यालयों में जाए।
  • उनके साथ स्नेह और सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनके कार्यां का शीघ्र निपटान किया जाए।
  • प्रत्येक विभाग अथवा कार्यालयों में सैनिकों या इनके परिवारों के लिए अलग से सेवा काउंटर स्थापित किए जाए।
  • प्रत्येक कार्यालय में एक विशेष जनप्रतिनिधि नियुक्त किया जाए ।
  • जो जनसाधारण को सेवा संबंधी सहायता एवं आवश्यक जानकारी प्रदान करे।
  • जिससे सैनिक परिवारों के साथ-साथ अशिक्षित को सेवा संबंधी सहायता एवं आवश्यक जानकारी प्रदान करे।
  • जिससे सैनिक परिवारों के साथ-साथ अशिक्षित जनता को भी अपने कार्यां के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।

 

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