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भारतीय सेना ने फतेह किया था छाछरो

Chhachro Fateh

इसके अतिरिक्प, यूनिट को भी दो वीर चक्र, तीन सेना मेडल और एक मेन्शन-इन-डिस्पेच पदान किया गया।
इस अवसर पर दस पैरा कमाण्डो ैद् डेजर्ट स्कोर्पियो’ ने शुक्रवार को एक खास समारोह में छौछरो दिवस’ मनाया।

पाक के जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों सहित समर्पण किया था

जैसलमेर (सच कहूँ न्यूज)। भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना के छक्के छुड़ाते हुए 48 साल पहले आज के ही दिन भारत-पाकिस्तान युद्ध में छाछरो फतेह किया था।छाछरो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थारपारकर जिले में तहसील मुख्यालय है। यह बाड़मेर से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर है और गडरा रोड बॉर्डर से मात्र 70 किलोमीटर दूर है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के साथ हुए वर्ष 1971 युद्ध में फतेह कर पाकिस्तान की अस्सी किलोमीटर तक की जमीन पर कब्जा कर लिया था। सोलह दिसम्बर 1971 को शाम चार बजे पाकिस्तान के जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के समक्ष समर्पण किया था।

  • इस युद्ध में जयपुर के 12 जवानों समेत राजस्थान के 307 वीर सपूतों ने शहादत दी थी।
  • राजस्थान की सीमा पर जयपुर के ब्रिगेडियर भवानी सिंह के नेतृत्व में छाछरो इलाके को जीता गया था।
  • पाकिस्तान की हुकूमत से परेशान वहां के हिन्दुओं ने तब राहत की सांस ली थी
  • लेकिन बाद में शिमला समझौते में यह जमीन लौटा दी गई।
  • उसम समय पचास हजार हिन्दू परिवार रातों-रात भारत आने को मजबूर हो गए।
  • उन लोगों ने कई माह तक तम्बुओं में रात बिताई और वे आज भी उसे भुलाए नहीं भूल रहे।

‘द डेजर्ट स्कॉर्पियो’ की स्थापना एक जून, 1967 को हुई

थल सेना स्पेशल फोर्स 10 पैरा कमांडों ‘द डेजर्ट स्कॉर्पियो’ की स्थापना एक जून, 1967 को लेफ्टिनेंट कर्नल एनएस उथाया के नेतृत्व में थार में विशेष आॅपरेशन के लिए की गई थी और वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में ‘आॅपरेशन कैक्टस लिली’ के दौरान 10 पैरा को पाकिस्तान के अंदर घुसकर 80 किलोमीटर से भी ज्यादा क्षेत्र में सिंध क्षेत्र के छाछरों तक हमला करने का काम दिया गया था। दस पैरा ने युद्ध के दौरान दुश्मन की जमीन पर छाछरो, वीरवाह, नागरपरकार, इस्लाम कोट पर 6-7 दिसम्बर 1971 की रात कई हमले किए। इन हमलों के कारण भारतीय सेनाओं को दुश्मन के भीतरी क्षेत्रों में जाकर बड़े क्षेत्रों पर कब्जा करने का मौका मिला।

पलटन को युद्ध सम्मान छाछरो तथा थियेटर आॅनर सिंध पदान किए गए

इस अदम्य साहस के कारण पलटन को युद्ध सम्मान छाछरो तथा थियेटर आॅनर सिंध पदान किए गए। इस साहसिक नेतृत्व, दूरदर्शिता के फलस्वरूप पलटन के तत्कालीन कमान अधिकारी ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त सवाई भवानी सिंह को महावीर चक पदान किया गया। इसके अतिरिक्प, यूनिट को भी दो वीर चक्र, तीन सेना मेडल और एक मेन्शन-इन-डिस्पेच पदान किया गया। इस अवसर पर दस पैरा कमाण्डो ैद् डेजर्ट स्कोर्पियो’ ने शुक्रवार को एक खास समारोह में छौछरो दिवस’ मनाया। समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन भी शामिल हुए।

 

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