श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का मामला: सवालों के घेरे में पंजाब पुलिस की कार्रवाई

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Case of disgrace of Shri Guru Granth Sahib Ji: Action of Punjab Police in the circle of questions

पंजाब पुलिस नहीं पेश कर सकती चालान: सीबीआई

  • जांच एजेंसी ने सीबीआई अदालत मोहाली में दी शिकायत

मोहाली (सच कहूँ न्यूज)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब पुलिस की स्पैशल जांच टीम (एसआईटी) द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले में फरीदकोट अदालत में पेश किए गए चालान को चुनौती दी है। जांच एजेंसी ने सीबीआई की विशेष अदालत मोहाली में दरख्वास्त देकर आपत्ति जताई है कि पंजाब पुलिस द्वारा बनाई गई स्पैशल जांच टीम कानूनी तौर पर चालान पेश ही नहीं कर सकती। दरख्वास्त में कहा गया कि बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटनाओं की जांच सीबीआई कर रही है और जांच सीबीआई से वापिस लेने संबंधी मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है, जब तक सुप्रीम कोर्ट सीबीआई की जांच संबंधी फैसला नहीं सुना देती तब तक कोई भी अन्य एजेंसी उस मामले की जांच नहीं कर सकती जिनकी जांच पहले सीबीआई कर चुकी है। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में बरगाड़ी में घटी बेअदबी की घटनाओं की जांच पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी। इस संबंध में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर महेन्द्रपाल बिट्टू, शक्ति सिंह और सुखविन्द्र सिंह नाम के तीन डेरा श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। बाद में अदालत ने इन तीनों को जमानत दे दी थी। सीबीआई ने जांच करने के बाद मोहाली अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी, जिसमें एजेंसी ने खुलासा किया था कि बेअदबी की घटनाओं के साथ डेरा श्रद्धालुओं का कोई संंबंध नहीं है। पंजाब सरकार ने विधान सभा में मामलों की जांच सीबीआई से वापिस लेने का प्रस्ताव पास किया और इस संबंधी सीबीआई अदालत में अर्जी दायर की। इस मामले पर फैसला आना बाकी है। सीबीआई ने पंजाब सरकार की अपील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी हुई है जो सर्वोच्च अदालत के विचाराधीन है। इन मामलों की जांच मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है। उधर 4 जुलाई को पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा अचानक सक्रियता दिखाते हुए सात डेरा श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस को तब भी शर्मिंदा होना पड़ा, जब दो डेरा श्रद्धालु अदालत ने मौके पर ही रिहा कर दिए। इन दो श्रद्धालुओं को सीबीआई अदालत पहले ही जमानत दे चुकी थी।  पुलिस की कार्रवाई इस हद तक हैरानी वाली है कि गिरफ्तारी के दो दिन बाद ही पुलिस ने चालान पेश कर दिया और पूज्य गुरू संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां सहित तीन अन्य व्यक्तियों का नाम बेअदबी मामले में जोड़ दिया। पांच सालों के बाद अचानक पूज्य गुरू जी और अन्य व्यक्तियों का नाम जोड़े जाने पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।

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