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डेढ़ साल बाद बॉक्सर दिनेश फिर रिंग में

  • नया जोश 7 मजबूत पंच से प्रतिद्वंदियों को किया पहले राऊंड में ही बाहर
  • रास नहीं आया बड़ागुढा थाना का कार्यभार
  • 2018 के कॉमन वेल्थ व एशियन गेम्स पर हैं निगाहें

Odhan, Raju: अपने दमदार पंच की बदौलत हरियाणा पुलिस में बतौर उप-निरीक्षक भर्ती हुए इंस्पेक्टर दिनेश सांगवान ने कुछ समय तक बॉक्सिंग से दूरी बनाकर एक बार फि र से नए जोश के साथ रिंग में इंट्री कर खलबली मचा दी है। दिनेश इस समय गुवाहटी में 8 दिसंबर से चल रही नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में खेल रहे हैं, जहां उन्होेंने अपने दमदार पंच का लोहा मनवाते हुए राजस्थान के बॉक्सर को पहले ही राऊंड में रिंग से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दिनेश की निगाहें फिलहाल 2018 में इंग्लैंड में होेने वाली कॉमन वेल्थ एवं एशियन गेम्स पर हैं। दिनेश का मुकाबला रविवार को 91 किलो भार वर्ग में राजस्थान के बॉक्सर कनिश से हुआ, जहां दिनेश ने उसे पहले ही राऊंड में बाहर का रास्ता दिखाते हुए सैमीफाईनल मुकाबले में जगह बना ली है। बॉक्सर दिनेश सोमवार रात्रि को होने वाले मुकाबले में हिमाचल से अपने प्रतिद्वंदी विरेन्द्र से भिडेंÞगे।
गौरतलब है कि भिवानी के मित्ताथल गांव के रहने वाले दिनेश कुमार को वर्ष 2008 में बॉक्सिंग में उसकी दमदार प्रतिभा को देखते हुए दिनेश को अर्जुन अवार्ड से नवाजा था। जिसके बाद सरकार ने उसे पुलिस विभाग में उप-निरीक्षक की नौकरी प्रदान की थी। वर्ष 2011 में दिनेश को इंस्पेक्टर के रूप में पदोन्नति दी गई। दिनेश को सरसा के बड़ागुढा थाना में 19 मई 2015 को पहली बार थाना प्रभारी लगाया था। दिनेश 2014 में एक सड़क दुर्घटना में चोटिल होने के कारण बॉक्सिंग रिंग में नहीं उतर पा रहे थे। लम्बे समय तक खेलों से जुडेÞ रहने के कारण वे इससे दूरी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। उनकी उक्त खेल के प्रति रूचि को उस वक्त और हवा मिल गई जब दिनेश का साथी प्रोफेशनल बॉक्सर विजेन्द्र करीब दो माह पूर्व उसे बड़ागुढा थाना में मिलने आया था। दिनेश ने करीब तीन माह पूर्व स्वेच्छा से मधुबन स्पोर्टस में तबादला करवा लिया था। जिसके बाद दिनेश ने अपना पूरा ध्यान बॉक्सिंग पर जमा लिया था।

ये हैं अब तक की उपलब्धियां
दिनेश ने अपने पंच की बदौलत देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी हरियाणा पुलिस का नाम चमकाया है। दिनेश ने वर्ष 2003 में नैनीताल में गोल्ड मैडल, 2005 में कोलकाता में गोल्ड मैडल, 2006 में लुधियाना में गोल्ड मैडल, 2007 में गुवाहटी में 33वीं नेशनल गेम्स में गोल्ड मैडल, हैदराबाद में गोल्ड मैडल, गुरुग्राम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल हासिल किया जिसके बाद दिनेश का चयन 2003 में उज्जबेकिस्तान में आयोजित हुई राष्टÑीय प्रतियोगिता में हुआ जहां उन्होंने अपने पंच की बदौलत गोल्ड मैडल हासिल किया। वर्ष 2006 में श्रीलंका में सेफ गेम की इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल, 2008 में बीजिंग में आयोजित ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया तो वहीं वर्ष 2009 में मास्को में आयोजित वर्ल्ड कप में कांस्य पदक हासिल किया। इसी प्रकार वर्ष 2010 में कॉमन वेल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल हासिल कर दिनेश ने देश का नाम रोशन किया और इसी वर्ष चाइना में भी आयोजित हुए एशियन गेमों में सिल्वर मैडल हासिल किया। दिनेश की इस प्रतिभा को देखते हुए वर्ष 2010 में राष्टÑपति प्रतिभा सिंह पाटिल ने उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा।

उम्मीदों पर खरा उतरने की आस
इस समय दिनेश 8 दिसंबर से 13 दिसंबर तक गुवाहटी में चल रही नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिन में भाग ले रहे हैं जहां दर्शक उनके दमदार पंच के कायल नजर आ रहे हंै। दिनेश ने विशेष बातचीत में बताया कि वे सड़क दुर्घटना के कारण 2016 में ओलंपिक में भाग नहीं ले पाए लेकिन अब वे फिट हैं और पूरे उत्साह के साथ रिंग में उतरे हैं। करीब डेढ़ वर्ष तक बॉक्सिंग से दूर रहे दिनेश का कहना है कि वे वर्ष 2018 में इंग्लैंड में होने वाले कॉमन वेल्थ एवं एशियन गेम्स में भाग लेंगे। उन्होंने कहा आत्म-विश्वास के बल पर कहा है कि उन्हें विश्वास है कि गुवाहटी का गोल्ड मैडल भी जीतेंगे और अपने फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।

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