पंजाब

कनैक्शन काटने के बावजूद 11 सालों से आ रहा पानी का बिल

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लापरवाही: वाटर सप्लाई विभाग की लापरवाही आई सामने

गुरदासपुर (सरबजीत)। ग्रामीण जल स्पलाई के अंतर्गत एक खपतकार द्वारा लिया गया वाटर स्पलाई का कनैक्शन उसकी मौत के बाद परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। 11 साल पहले कनैक्शन कटवाए जाने के बावजूद भी विभाग उन्हें लगातार बिल भेज रहा है। खपतकार के परिवार ने कोर्ट का दरवाजा खटकाने की धमकी दी है।

2006 में बंद करवाया था कनैक्शन: मामला दीनानगर के गांव बड़ा कलीजपुर का है। जहां 2004 में सत्तपाल पुत्र रत्न चंद ने खाली प्लाट में जल स्पलाई व सेनिटेशन विभाग में अर्जी देकर पानी का कनैक्शन लिया था।

खपतकार के लड़के मनोज कुमार अनुसार उनके पिता ने 2006 में कनैक्शन बंद करवा दिया, लेकिन इसके बावजूद उनका कनैक्शन विभागीय लापरवाही के कारण चलता रहा। इसका पता उन्हें 6 साल बाद तब चला जब 2012 में विभाग ने उनके घर 3770 रुपए का बिल भेज दिया गया।

ये बोले विभागीय अधिकारी

मनोज कुमार के अनुसार जब उन्होंने इस संबंधी वाटर स्पलाई व सेनीटेशन विभाग के कार्यालय में संपर्क किया तो आधिकारियों ने यह कहकर हैरान कर दिया कि कोई व्यक्ति 100 रुपए फीस जमा करवा कर कनैक्शन दोबारा शुरू करवा गया था। जिसका कोई सबूत या व्यक्ति बारे जानकारी विभाग के पास मौजूद नहीं है।

खपतकार की हो चुकी है मौत, परिवार ने बिल देने से किया इंकार

  • 3770 रुपए-पहला बिल
  • 7325 रूपए- दूसरा बिल

पहले बिल जमा करवाओ, फिर कनैक्शन काटेंगे

मनोज कुमार ने बताया कि जब उन्होंने दोबारा कनैक्शन बंद करने की अपील की तो अधिकारी इस बात पर अड़ गए कि पहले 3770 रुपए जमा करवाओ, नहीं तो कनैक्शन चलता रहेगा। अधिकारी अभी भी इस जिद्द कर पर अड़े हुए हैं कि जब तक पूरे बिल की अदायगी नहीं की, तब तक कनैक्शन किसी भी सूरत में बंद नहीं किया जाएगा और बिल इसी तरह बढ़ता रहेगा।

चेतावनी

मनोज कुमार ने चेतावनी दी कि वह इस संबंधी कोर्ट का दरवाजा खटकाएगा क्योंकि जिस सुविधा का उन्होंने लाभ लिया ही नहीं, वह उसका बिल क्यों अदा करें। उसने विभाग के आधिकारियों खिलाफ भी मोर्चा खोलने की बात कही।

लिखित शिकायत मिलने पर करेंगे जांच: एसडीओ

जल स्पलाई व सेनिटेशन विभाग सब डिवीजन दीनानगर के एसडीओ जगजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता को बिल संबंधी ऐतराज संबंधी कार्यालय में लिखित शिकायत देने को कहा है। जब शिकायत मिलेगी तो वह जांच करवाएंगे। वैसे वह कनैक्शन काटने के बावजूद 11 वर्ष से बिल भेजने संबंधी विभागीय लापरवाही का तसल्लीबखश जवाब नहीं दे सके। जबकि शिकायतकर्ता के आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताया।

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