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‘आपणी पाठशाला’ का अभिनव प्रयोग

  • ‘बेसहारा बच्चों को शिक्षित करती पुलिस’
  • स्कूल में खेलकूद की भी व्यवस्था
  • वर्तमान में 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत
  • पुलिस अधीक्षक बारहट भी लेते है विद्यार्थियों की कक्षाएं
  • पुलिस कर्मी धर्मवीर राज्य स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित

Churu, SachKahoon News:  चुरू जिले में सामाजिक सारोकारों के तहत पुलिस ने निर्धन और बेसहारा बच्चों को शिक्षित करने के लिए ‘आपणी पाठशाला’ का अभिनव प्रयोग शुरू किया है जिसमें पुलिसकर्मी शिक्षक की भूमिका में बच्चों को शिक्षित कर रहे है। चुरू के पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने बताया कि इसके तहत गलियों में कचरा बीनने वाले या अत्यधिक गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाकायदा एक विद्यालय आपणी पाठशाला नामक स्कूल शुरू की जिसमें बच्चों को पुलिसकर्मी और पुलिस के आलाधिकारी शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में छात्रों के लिए पुस्तकें, पेंसिल,जूतें, जुराब भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्थापित किए गए आपणी पाठशाला के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं राहुल बारहट समेत पुलिस विभाग के आला अधिकारी कक्षाएं लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस स्कूल में बच्चो को पढ़ाई के अलावा योग की शिक्षा भी दी जा रही है वही इनके खेलकूद की भी व्यवस्था की गई हैं।
उन्होंने बताया कि आठ बच्चों से शुरू किए गए इस स्कूल में वर्तमान में 240 छात्र-छात्रायें अध्ययनरत है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय को संचालित करने वाले पुलिकर्मी धर्मवीर को राज्य स्तर पर आयोजित हुए समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सम्मानित भी किया। बारहट ने बताया कि समाज के सबसे पिछडेÞ वर्ग के ऐसे बच्चों को पढ़ते देख बडा सुकुन मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे पढ़ लिखकर समाज की मुख्य धारा से तो जुड़ेंगे ही साथ इनके अपराध की ओर जाने का मार्ग बंद होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से आमजन के बीच पुलिस के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को पाटने और अपराधों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि हमेशा नवाचार में विश्वास रखने वाले श्री बाराहट ने चुरू में कुछ माह पूर्व आम आदमियों के साथ कबड्डी लीग शुरू की थी। हालांकि शुरू में बहुत छोटे स्तर की थी मगर प्रतियोगिता के प्रति आम लोगों की दीवानगी और भागीदारी से आयोजन को आमजन में लोकप्रिय हो गया है। हर थाना क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय जनता के बीच कब्बडी के मैच कराए जा रहे है और जीतने वाली टीम को इनाम भी दिया जा रहा है। इससे पूर्व उन्होंने बाड़मेर जिले के रामसर थाना में इसी तर्ज पर अपना स्कूल चलाया था जो आज भी चल रहा है।

पुलिस ने निर्धन और बेसहारा बच्चों को शिक्षित करने के लिए ‘आपणी पाठशाला’ का अभिनव प्रयोग शुरू किया है जिसमें पुलिसकर्मी शिक्षक की भूमिका में बच्चों को शिक्षित कर रहे है।

इस स्कूल में छात्रों के लिए पुस्तकें, पेंसिल,जूतें, जुराब भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने बताया कि इसके तहत गलियों में कचरा बीनने वाले या अत्यधिक गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाकायदा एक विद्यालय आपणी पाठशाला नामक स्कूल शुरू की जिसमें बच्चों को पुलिसकर्मी और पुलिस के आलाधिकारी शिक्षा दे रहे हैं।

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