कोरोना वायरस के चलते प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केन्द्र बंद

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 चंडीगढ़ में रॉक गॉर्डन भी 31 मार्च तक बंद, सुखना को बंद करने की तैयारी (Anganwadi center closed)

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में सिनेमा घरों, स्कूल-कॉलेज, यूनिवर्सिटियों के बाद अब आंगनवाड़ी केंद्रों को भी 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही चंडीगढ़ के मशहूर रॉक गॉर्डन को भी 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। शहर का दिल कही जाने वाली सुखना झील को भी बंद करने की तैयारी है। वहीं गुरुग्राम और पंचकूला के बाद अब फरीदाबाद में भी जिला प्रशासन ने सभी एमएनसी, बीपीओ और आईटी कंपनियों को एडवाइजरी जारी करते हुए घर से कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है। इसके साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों को सावधानी पूर्वक पब्लिक डीलिंग करने के लिए कहा गया है।

आंगनवाड़ी कर्मी ड्यूटी पर आएंगे

प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को मद्देनजर रखते हुए राज्य में सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स आंगनवाड़ी केन्द्रों में अपनी ड्यूटी पर आएंगे और रिकॉर्ड के रख-रखाव का कार्य करने के साथ-साथ घर-घर जाकर लोगों में स्वच्छता और सीओवीआईडी-19 के बारे जागरूकता उत्पन्न करेंगी।

सैनेटाइजेशन के नाम पर घरों में घुसने वालों से रहें सावधान

वहीं प्रदेश की पुलिस ने अपील की है कि कोरोनावायरस के नाम पर लोगों के घरों में कुछ लोग सैनेटाइजेशन करने के बहाने घुस कर वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से किसी भी गु्रप को सैनेटाइजेशन करने के लिए घरों में नहीं भेजा जा रहा तो ऐसे में नागरिकों को इस बाबत जागरूक रहना होगा।

  • पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि वह कौन लोग हैं, और घर में ना घुसने दे।
  • जरा भी संदेह हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

आगामी आदेशों तक गृहमंत्री का जनता दरबार स्थगित

प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते गृहमंत्री अनिल विज के निवास स्थान पर शनिवार और रविवार को लगने वाले जनता दरबार को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों के चलते जनता दरबार स्थगित करने का फैसला लिया गया है, ताकि एकत्रित भीड़ के कारण किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोका जा सके। विज ने कहा कि जैसे ही प्रदेश में स्थिति सामान्य होगी, वह जनता दरबार फिर शुरू करेंगे।

गुरुग्राम में इमरजेंसी के लिए 1000 बेड तैयार

संजय मेहरा/सच कहूँ  गुरुग्राम। राजधानी दिल्ली और एयरपोर्ट के साथ लगते गुरुग्राम में कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश और देश की सरकार का पूरा फोकस है। विदेशियों के रहने का बड़ा हब गुरुग्राम को लेकर किसी तरह का रिस्क नहीं लिया जा सकता। इसलिए यहां पर कोरोना वायरस से निपटने, लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिहाज से 1000 आपातकालीन बेड तैयार किए गए हैं।कोरोना वायरस से पीड़ित दो केस मिलने के बाद तो यहां पर सुरक्षा, बचाव के लिए सरकार, अधिकारियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

  • यहां पर सरकारी, निजी तौर पर पूरी तैयारी की गई हैं।
  • जिस तरह से कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
  • उससे आने वाले 15 दिन काफी क्रिटिकल माने जा रहे हैं।
  • इसलिए यहां कपंनियों, सरकारी दफ्तरों में भी एक तरह से इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
  • 50 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी तो लगाई ही है।

हर अस्पताल की एक-एक एम्बुलेंस भी रिजर्व

  • जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है।
  • सभी निजी अस्पतालों को एक-एक एम्बुलेंस रिजर्व रखने के भी आदेश दिए गए हैं।
  • क्षेत्र अनुसार मरीजों को लाने-ले जाने में किसी तरह की समस्या न हो।
  • ये आदेश तब लागू होंगे, जब स्थिति बहुत अधिक खराब होती है।

कोरोना का भय दिखाकर श्रमिकों को नौकरी से निकाल रही कंपनी

गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। वैसे तो कोरोना वायरस से पूरी दुनिया डरी हुई है। इसी का डर दिखाकर यहां कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को नौकरी से निकाले जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि 10-10 साल से कंपनी में नौकरी कर रहे श्रमिकों को कोरोना के नाम पर निकालना शुरू कर दिया गया है। बुधवार को इसी विरोध में श्रमिक संगठन एटक के पदाधिकारियों ने उप-श्रम आयुक्त को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।

उप-श्रम आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ कंपनियों के प्रबंधन कोरोना वायरस की झूठी अफवाह फैलाकर श्रमिकों में भय का वातावरण उत्पन्न करने में लगी हैं। वे साजिश के तहत ठेकेदारों से मिलकर पुराने श्रमिकों को नौकरी से निकालने पर तुल गई हैं। उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि एक कंपनी प्रबंधन ने वरुण कुमार, संतोष, प्रदीप कुमार व सोमपाल को गैर कानूनी रुप से नौकरी से निकाल दिया, जबकि प्रबंधकों ने इन श्रमिकों की कोई जांच भी नहीं कराई थी।

  • प्रबंधक जानबूझकर पुराने श्रमिकों को नौकरी से निकालने का बहाना वायरस को लेकर बना रही है।
  • संस्थानों में नई भर्ती की जा रही है, जिससे श्रमिकों में रोष व्याप्त होता जा रहा है।
  • अनिल पंवार का कहना है कि यही शिकायत उपायुक्त से भी की गई है।
  • उप श्रमायुक्त ने मामले की जांच कराने का आश्वासन श्रमिक नेता को दिया है।

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