झुनझुने लेकर विस पहुंचे अकाली विधायक, सदन का किया वाकआउट

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अकाली दल का आरोप : कांग्रेस सरकार ने वायदों के नाम पर दिए केवल झुनझुना, हर वर्ग दुखी | Protest

चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।  पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र वीरवार को राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही की शुरूआत होते ही जमकर हंगामा हुआ। पहले आम आदमी पार्टी के विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण पर विरोध जताते हुए सदन से वाकआउट किया और बाद में शिरोमणि अकाली दल के सदस्य भी सदन से चले गए। राज्यपाल के अभिभाषण में पंजाब के सबसे बड़े मुद्दे बिजली पर (Protest) जमकर बवाल हुआ।

विवाद की शुरूआत: राज्यपाल ने जैसे ही अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू किया शिरोमणि अकाली दल ने अपनी सीट से उठकर शोर मचाना शुरू कर दिया। शिअद विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण को पुराने वाला ही बताया। उन्होंने पुराने अभिभाषण और आज पढ़े जाने वाले अभिभाषण की कॉपी दिखानी शुरू कर दी। शिअद विधायकों का कहना था कि दोनों अभिभाषण में कोई अंतर नहीं है। करीब छह मिनट तक शोर होने के बाद शिअद विधायक शांत होकर बैठ गए, लेकिन इस दौरान वह सदन में झुनझुना हिलाते रहे। इसके बाद शिअद विधायकों ने सदन से वाक आउट किया।

इससे पूर्व शिअद विधायकों ने विधानसभा के बाहर भी झुनझुना लेकर प्रदर्शन किया। शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम मजीठिया का कहना था कि तीन साल में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने अपना कोई भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया। बेरोजगारी भत्ता, छठा पे कमीशन, बेरोजगारी भत्ता देने सहित सभी वादों को लेकर लोगों को केवल झुनझुना ही दिखाया गया।

कांग्रेस पर प्राइवेट थर्मल प्लांटों को लाभ पहुंचाने का आरोप | Protest

एक तरफ आप ने शिअद-भाजपा सरकार के दौरान प्राइवेट थर्मल प्लांटों से हुए समझौतों को रद करने के लिए विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह से प्राइवेट बिल लाने की मंजूरी मांगी है। दूसरी तरफ शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने राज्यपाल को मांग पत्र सौंप कर कांग्रेस पर यह आरोप लगाया है कि उसने मिलीभगत करके प्राइवेट थर्मल प्लांटों को लाभ पहुंचाया।

इससे आम लोगों पर 4100 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा, इसलिए इसकी सीबीआइ जांच होनी चाहिए। विधानसभा सत्र से पहले शिअद ने महंगी बिजली के मुद्दे पर अपनी जमीन तैयार करना शुरू कर दी है। ऐसे में महंगी बिजली के विरोध में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देने वाली आप को डर है कि कहीं शिअद उनसे यह मुद्दा न छीन ले।

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