कृषि कानूनों और बिजली बिलों के खिलाफ उतरी एआईयूटीयूसी

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AIUTUC came out against agricultural laws and electricity bills

किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा, फूंका केन्द्र सरकार का पुतला (Against Agricultural Laws)

भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। केन्द्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी के कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा धक्केशाही से लागू किए गए (Against Agricultural Laws) किसान-विरोधी तीन काले कानूनों और बिजली बिल-2020 के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों पर किए बर्बर दमन की कड़ी निंदा की और केंद्र सरकार का पुतला फूंका। एआईयूटीयूसी के जिला सचिव राजकुमार बासिया ने कहा कि तीन काले कानूनों और बिजली बिल-2020 का विरोध करने दिल्ली जा रहे किसानों के आंदोलन को विफल करने के लिए हरियाणा सरकार ने बिना किसी पूर्व सूचना के किसान नेताओं को जगह-जगह से गिरफ्तार कर और जेलों में डाल कर घोर गैर कानूनी एवं अलोकतांत्रिक कृत्य किया है।

उन्होंने कहा कि देश के बड़े-बड़े पूंजीपतियों के हित में सरकार एक के बाद एक किसान-विरोधी, मजदूर-विरोधी और जनविरोधी नीतियां व कानून थोप कर किसान-मजदूरों के जीवन को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं कानूनों का विरोध करना लोगों का मौलिक अधिकार है, उसे किसी भी हालत में छीनने की आजादी नहीं दी जा सकती। जायज जन आंदोलन में पुलिस हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। सरकार की इस दमनात्मक कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि यह फासिस्ट सरकार है।

उन्होंने कहा कि हम जनवाद एवं आजादी पसंद तमाम किसान-मजदूरों, आम नागरिकों से अपील की है कि किसान-मजदूर एकता को मजबूत करते हुए किसानों के चल रहे आंदोलन को हर तरह से समर्थन दें। इस मौके पर एआईयूटीयूसी के जिला अध्यक्ष राजकुमार जांगड़ा, वजीर सिंह, सत्यवान, फूल सिंह, सुभाष बामला, सुखबीर ढाणी माहू, जिले सिंह निगाना, संदीप मेहरा आदि कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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