आखिर मिल ही गया चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का मलबा

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After all, the debris of Chandrayaan-2 Vikram Lander

नासा ने तस्वीर पोस्ट कर की पुष्टि | Vikram Lander

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान ( The debris of Chandrayaan-2 Vikram Lander ) नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) को चांद की सतह पर भारतीय ‘चंद्रयान-2’ के विक्रम लैंडर के तीन टुकड़े मिले हैं। नासा ने सोमवार देर रात डेढ़ बजे ट्वीट कर यह जानकारी दी। नासा ने अपने ट्वीट में एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें विक्रम लैंडर के प्रभाव बिंदु और उस क्षेत्र को दिखाया गया है, जहां मलबा मिला है। नासा ने कहा, ‘नासा के मून मिशन ने भारतीय अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का पता लगाया है।’

चाँद के इतने नजदीक पहुंचना बड़ी उपलब्धि | Vikram Lander

नासा ने अपने बयान में कहा है कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद चंद्रमा के सतह के इतने करीब पहुंचना एक अद्भुत उपलब्धि है।

चेन्नई के इंजीनियर की मेहनत लाई रंग

चेन्नई के इंजीनियर शानमुगा सुब्रमण्यन ने नासा की इन तस्वीरों पर बहुत मेहनत की। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर के मलबे का पता लगा लिया गया। सर्वप्रथम सुब्रमण्यन ने नासा को इसके लिए सूचित किया और कुछ वक्त के बाद नासा ने इस संबंध में पुष्टि कर दी। नासा ने शानमुगा के इस सहयोगा के लिए शुक्रिया करते हुए उनके प्रयास की तारीफ की है। बता दें कि शानमुगा सुब्रमण्यन उर्फ शान मकैनिकल इंजिनियर और कंप्यूटर प्रोग्रामर हैं। फिलहाल वह चेन्नई में ही लेनॉक्स इंडिया टेक्नोलॉजी सेंटर में टेक्निकल आर्किटेक्ट के तौर पर काम कर रहे हैं।

  • सात सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी छोर पर हा रही थी सॉफ्ट लैंडिंग।
  • उसी वक्त चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का इसरो के नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूटा।
  • चाँद की सतह से महज 2.1 किमी. दूर रह गया था विक्रम लैंडर।
  • क्रैश स्थल से 750 मीटर दूर मिला मिला मलबा।
  • मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2गुणा 2 पिक्सेल के।
  • नीले और हरे डॉट्स के माध्यम से दिखाया मलबे वाला क्षेत्र।

 

 

 

 

 

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