हापुड़ की घटना के विरोध में अधिवक्ताओं में आया उबाल
कैराना। हापुड़ की घटना के विरोध में कैराना के अधिवक्ताओं में उबाल आ गया। अधिवक्ताओं ने सड़कों पर उतरकर पुलिस-प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। उन्होंने तहसील प्रांगण में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने की मांग की।
विगत मंगलवार को हापुड़ में अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा किये गए लाठीचार्ज से बार एसोसिएशन कैराना के अधिवक्ता आक्रोश से भरे नजर आए। बुधवार को सैंकडों अधिवक्ता जनपद न्यायालय परिसर में इकठ्ठा हुए। इसके बाद मनीष कौशिक एडवोकेट के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता मुख्य पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पहुंचे तथा रोड पर जाम लगा दिया। अधिवक्ताओं द्वारा मार्ग अवरुद्ध किये जाने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस बल के साथ पहले से ही न्यायालय के मुख्य द्वार पर तैनात कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विपिन मौर्य ने अधिवक्ताओं से मार्ग अवरुद्ध न करने का आग्रह किया, जिस पर अधिवक्ता रोड से हट गए।

बाद में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में अधिवक्ता तहसील मुख्यालय पर पहुंचे। जहां पर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करके जमकर भड़ास निकाली गई। अधिवक्ताओं ने तहसील प्रांगण में सांकेतिक रूप से धरना-प्रदर्शन भी किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन-पत्र एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव को सौंपा।
बताया कि हापुड़ में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्ष के इशारे पर किये गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज से प्रदेश का अधिवक्ता समाज पूरी तरह आहत है। लाठीचार्ज में कई अधिवक्ता गम्भीर रूप से घायल हुए है, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। लाठीचार्ज ने आजादी से पूर्व के ब्रिटिश शासन की स्मृतियों को ताजा कर दिया है। ज्ञापन में लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके अधिवक्ताओं को न्याय दिलाने की मांग की गई है। इस दौरान महासचिव आलोक चौहान, इंतज़ार अहमद, खड़क सिंह चौहान, अशोक कुमार, सालिम अली, नसीम अहमद, शगुन मित्तल, नीरज चौहान, मेहरबान अली, राकेश प्रजापति, आस मोहम्मद, अनुभव स्वामी आदि अधिवक्तागण मौजूद रहे।