Breaking News
   सिरसा में प्रशासन के आदेश के बाद पानीपत फ़िल्म का प्रसारण रोका गया |   J-K: श्रीनगर में धुंध की वजह से एयरपोर्ट पर 3 दिनों तक उड़ानें रद्द |   नागरिकता संशोधन बिल संविधान के खिलाफ है: मनीष तिवारी |   मुस्लिम देशों में भारतीयों का उत्पीड़न हो रहा है: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह |   कर्नाटक उपचुनाव: भाजपा ने 15 में से 12 सीटों पर दर्ज की जीत |   नागरिकता बिल: पहली जोर आजमाइश में मोदी सरकार पास, लोकसभा में 293 Vs 82 रहा स्कोर|   फ़िल्म पानीपत पर हो रहे हंगामे पर बोले गृह मंत्री अनिल विज: अगर किसी एतिहासिक विषय पर फ़िल्मकार फ़िल्म बनाता है तो उसे पूरा रिसर्च करना चाहिए।   हरियाणा परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल होगी नई बसें, सभी में लगेेंगे सीसीटीवी कैमरे: परिवहन मंत्री मुलचंद शर्मा |    हनीप्रीत इन्सां ने पूज्य गुरु जी से सुनारिया जेल में की मुलाकात |
Breaking News

चीफ जस्टिस ने सीबीआई को हाईकोर्ट जज के खिलाफ केस दर्ज कर करने की अनुमति दी

Chief Justice allowed CBI to file case against High Court judge

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला पर निजी मेडिकल कॉलेजों का पक्ष लेने का आरोप

पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा के द्वारा गठित आंतरिक समिति ने जस्टिस शुक्ला को दोषी माना था

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला के खिलाफ सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी। जस्टिस शुक्ला पर निजी मेडिकल कॉलेजों का पक्ष लेने का आरोप है। सीबीआई ने लखनऊ बेंच के जस्टिस शुक्ला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है।

यह पहला मौका है, जब किसी मौजूदा जज के खिलाफ सीबीआई जांच करेगी। सीजेआई की अनुमति के बगैर सिटिंग जज के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के द्वारा जांच के लिए गठित आंतरिक समिति ने जस्टिस शुक्ला को निजी मेडिकल कॉलेजों को लाभ देने का दोषी पाया था। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस शुक्ला ने एमबीबीएस में विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर तय की गई समयसीमा को आगे बढ़ाया था।

जांच एजेंसियों ने सीजेआई को पत्र लिखा था

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने सीजेआई गोगोई को पत्र लिखा था। इसमें जस्टिस शुक्ला के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति मांगी गई थी। इसी सिलसिले में पिछले महीने सीजेआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि संसद में जस्टिस शुक्ला को हटाए जाने को लेकर प्रस्ताव लाया जाए।

जस्टिस शुक्ला ने नहीं मानी पूर्व सीजेआई की बात

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा ने जस्टिस शुक्ला को उस वक्त इस्तीफा देने या समय से पूर्व रिटायर होने के लिए कहा था। मगर जस्टिस शुक्ला ने इस बात से इनकार कर दिया था। 2018 में उनसे कानूनी कामकाज वापस ले लिए गए थे।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करे।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top