Earthquake In India Today: पंजाब समेत उत्तर भारत में भूकंप के झटके, लोगों में दहशत

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Earthquake: उत्तरकाशी में लगातार 8वीं बार डोली धरती

हिसार (संदीप सिंहमार।)। EarthQuake In India बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। बताया जा रहा है कि पंजाब समेत उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए है। जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.4 दर्ज की गई है। भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत है।

दिल्ली-एनसीआर सहित चंडीगढ़,पंजाब, व जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि हरियाणा में भूकंप के झटकों का असर देखने को नहीं मिला। भौगोलिक रिक्टर स्केल पर 5.2 की तीव्रता के इस भूकंप से कहीं भी किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई है। भूकंप की आहट देखकर दिल्ली के भीड़ वाले क्षेत्रों में लोग अपने घरों से बाहर जरूर निकल गए। भूकंप के झटके सिर्फ 10 सेकेंड के लिए ही महसूस किए गए। भूगोल के अनुसार धरती के नीचे सात प्लेटें होती हैं। यह प्लेटें आपस में टकराती रहती हैं।

जमीन में से कोई प्लेट ज्यादा टकराकर टूटने लगती है तो वहां से एक ऊर्जा धरती की तरफ निकलती है। जब ऐसा होता है तो इससे धरती पर एक प्रकार की कंपन पैदा होती है। धरती की इसी कंपन को भूकंप का नाम दिया गया है। भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पैमाने पर नापा जाता है। जितनी ज्यादा तीव्रता का भूकंप होगा उतना ही ज्यादा नुकसान आंका जाता है। भारत में 26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज में आया भूकंप आज तक भी सबको याद है। इस भूकंप में हजारों लोगों की जान चली गई थी। लेकिन मंगलवार दोपहर को आए भूकंप से देशभर में कहीं भी किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें | Earthquake

  • – भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
  • – बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • – कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।
  • – अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।
  • – वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।
  • – भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।
  • – भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं।

क्या होता है रिक्टर स्केल

भूकंप के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल या मैग्नीट्यूड कहा जाता है। रिक्टर स्केल का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है। जैसे-जैसे भूकंप की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है। जैसे रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप ज्यादा नुकसान करेगा। वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप हल्का होगा।

भूकंप की तीव्रता के हिसाब से क्‍या हो सकता है असर | Earthquake

  •  0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है।
  •  2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सिर्फ हल्की कंपन होती है।
  •  3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो।
  •  4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप खिड़कियां तोड़ सकता हैं।
  •  5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है।
  •  6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
  •  7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों को गिरा सकता है।
  •  8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं।
  •  9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं।
  • अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है।