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किसान आंदोलन का 7वां दिन: बंद का नहीं दिख रहा असर, किसान नेता कक्काजी मंदसौर में आंदोलन पर करेंगे बात

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इंदौर।

1 जून से शुरू हुए किसान आंदोलन का असर 7 दिन बीत जाने के बाद भी दिखाई नहीं दिया है। ये खबर सरकार के साथ ही आम लोगों के लिए राहतभरी है। दूध-फल और सब्जी की अब तक कहीं भी किल्लत की बात सामने नहीं आई है। गुरुवार को भी आम दिनों की तरह ही इन वस्तुओं की सप्लाई हुई। हालांकि राहुल गांधी के बाद अब किसान नेता कक्का जी मंदसौर पहुंच रहे हैं। वे यहां किसान आंदोलन को लेकर बात करेंगे।

किसान आंदोलन को लेकर लगातार बात करने वाले किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ गुरुवार को मंदसौर पहुंचेंगे। वे यहां मीडिया से किसान आंदोलन को लेकर बात रखेंगे। संभाग अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि 8 जून को दलौदा में सभा की परमिशन ली है। इसमें विभिन्न राज्यों से नेता आएंगे। कक्काजी ने शत्रुध्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा, प्रवीण तोगड़िया को भी आमंत्रित किया गया है।

ऐसे चलेगा पूरा आंदोलन—1 से 4 जून तक गांवों में युवाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरानी खेल गतिविधियां होंगी। 5 जून को धिक्कार दिवस मनाएंगे। गांवों में ही चौपालें होंगी, जिसमें किसान विरोधी फैसलों पर चर्चा की जाएगी। 6 जून को पिछले साल मारे गए किसानों को शहीद मानते हुए श्रद्धांजलि सभा होंगी। 8 जून को असहयोग दिवस मनाया जाएगा।
– 10 जून को भारत बंद रहेगा।
इस दौरान सरकार की ये रहेगी तैयारी- सुरक्षा व्यवस्था के लिए 11 जोनल आईजी को अतिरिक्त फोर्स दिया गया है। इसमें उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर जैसे बड़े जोन में लगभग 500-500 रंगरूट (नव आरक्षक) और एसएएफ की दो कंपनियां (लगभग एक कंपनी में 100 जवान) दिए गए हैं।

इस प्रकार बड़े जोन को लगभग 700 जवान अतिरिक्त दिए गए हैं। जिन जिलों में आंदोलन का असर नहीं होगा, वहां एक-एक कंपनी दी गई है। इसके अतिरिक्त एसएएफ की 89 कंपनियां कानून व्यवस्था के लिए दी गई हैं।

आंदोलन को देखते हुए मुख्य केंद्र मंदसौर को पुलिस ने 20 जोन में बांट दिया है। 100 जगह कैमरे लगाए गए हैं। मंदसौर, रतलाम, नीमच को जोड़ने वाले हाईवे को 10 सेक्टर में बांटकर फोर्स तैनात किया गया है।

मंदसौर, नीमच, रतलाम सहित प्रदेश के 35 संवेदनशील जिलों में उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस को 10 हजार अतिरिक्त लाठियां दी गई हैं। इसके अलावा जल्द पहुंचने के लिए 100 अतिरिक्त गाड़िंया भी दी गई हैं। पुलिसकर्मियों को 20 हजार हेलमेट और चेस्ट गार्ड भी दिए गए हैं। इंदौर में 8, राजगढ़ में 8, मुरैना में 7, भोपाल में 6, दतिया में 6, शिवपुरी में 5, गुना में 5 सतना में 5 अतिरिक्त गाड़ियां दी गई हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रतलाम, नीमच, मंदसौर और खरगोन।

6 जून 2017 को हुआ था गोलीकांड— मंदसौर गोलीकांड 6 जून 2017 को हुआ था। उसके तीन दिन पहले 3 जून से किसानों ने फसल का सही दाम नहीं मिलने सहित कई मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। 6 जून को भीड़ ने उग्र रूप ले लिया था, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिला था। भीड़ ने घटना के दिन मंदसौर के पिपलिया मंडी थाने का घेराव और पथराव के साथ लोहे और लाठियों से तोड़फोड़ की थी। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने गोली चलाई थी, जिसमें अाधा दर्जन से ज्यादा लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना से कई दुकानों और मकानों को भारी क्षति हुई थी। वहीं कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गय था।

 

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