रिलायंस-बीपी संयुक्त उद्यम से पांच वर्ष में 60 हजार नयी नौकरियां

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Reliance BP Joint Venture

नयी दिल्ली। मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को कर्जमुक्त करने के बाद अब अपने कारोबार को और तेजी से आगे बढ़ाने की योजना को मूर्त रूप देते हुए ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) के साथ मिलकर भारतीय बाजार में ईंधन और विमान ईंधन की खुदरा बिक्री के लिये रिलायंस बीपी-मोबिलिटी लिमिटेड (आरबीएमएल) संयुक्त उद्यम गठित किया है जिससे अगले पांच वर्ष में 60 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रिलायंस के अभी 1400 खुदरा बिक्री केंद्र है। संयुक्त उद्यम के तहत अगले पांच साल में ईंधन खुदरा नेटवर्क को बढ़ाकर साढ़े पांच हजार करने की योजना है। इनके खुल जाने पर 60 हजार नये रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मौजूदा में यह 20 हजार हैं जो बढ़कर 80 हजार तक हो जाएंगे। रीब्राडिंग के तहत यह स्टेशन जियो- बीपी ब्रांड के तहत स्थापित किये जायेंगे।

विमान ईंधन के लिए संयुक्त उद्यम का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में अपनी पहुंच 30 से 45 हवाई अड्डों तक करना है। गत अगस्त में ही दोनों कंपनियों ने संयुक्त उद्यम बनाने की घोषणा की थी। अब इसे मूर्त रूप दिया गया है। बयान में कहा गया है कि जियो-बीपी ब्रांड के तहत परिचालन के तहत इस संयुक्त उद्यम का उद्देश्य देश के ईंधन और गतिशील बाजारों में एक प्रमुख कंपनी बनना है। जियो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिये 21 राज्यों में रिलायंस की उपस्थिति और उसके लाखों उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। उद्यम के तहत बीपी अपने उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन, लुब्रिकेंट्स, खुदरा और उन्नत कम कार्बन मोबिलिटी का इस्तेमाल करेगा। आरबीएमएल ने अन्य आवश्यक विनियामक और वैधानिक मंजूरी के साथ परिवहन ईंधन का विपणन अधिकार हासिल किया है।

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