नोटबंदी के 3 साल पूरे, कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन

0
Congress

नोटबंदी का प्रभाव संगठित और असंगठित क्षेत्रों के कारोबार पर पड़ा व करीब 99.30 फीसदी पुराने नोट बैंक में हुए जमा (Congress)

  • नोटबंदी के आतंकी हमले से देश को अभी न्याय नहीं मिला : राहुल (Congress)

नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे पीएम मोदी ने (Congress) अचानक 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषण की थी। शुक्रवार को नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ है। दरअसल, नोटंबदी की चर्चा आज भी होती है, क्योंकि इससे हर एक भारतीय का सामना हुआ था। लेकिन केंद्र सरकार ने धीरे-धीरे नोटंबदी से किनारा कर लिया। आखिर क्यों सरकार अब नोटबंदी का जिक्र नहीं करना चाहती है? इसी के मद्देनजर कांग्रेस ने नोटबन्दी के तीन साल पूरे होने पर शुक्रवार को मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के सामने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी देश की खराब अर्थव्यस्था के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।

-प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे आठ नवंबर को अपने जीवन मे भूल नही सकते है क्योंकि उन्हें नोटेबन्दी का दंश झेलना पड़ा था। उन्होंने कहा कि नोटेबन्दी से लाखों नौकरियां चली गयी और आर्थिक विकास प्रभावित हुआ। असंगठित क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए और कई छोटी कम्पनियां बर्बाद हो गई।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबन्दी की तीसरी सालगिरह पर कहा है की देश पर नोटबंदी का आतंकी हमला करने वाले गुनाहगारों को अभी कटघरे में खड़ा नहीं किया गया और देश की जनता को इस अन्याय से अभी न्याय नहीं मिला है।
कांग्रेस नेता, राहुल गांधी
नोटबंदी को तीन साल हो गए। सरकार और इसके नीम हकीमों द्वारा किए गए ‘नोटबंदी- सारी बीमारियों का शर्तिया इलाज’ के सारे दावे एक-एक करके धराशायी हो गए। नोटबंदी एक आपदा थी जिसने हमारी अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी।
-पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा

देश में नोटबंदी को तीन वर्ष हो जाने के बावजूद आज तक अर्थव्यवस्था उबर नहीं पाई है। सभी खातों और छोटे व्यवसायों पर विफल रही।
-अशोक गहलोत, राजस्थान मुख्यमंत्री

नोटबंदी की उपलब्धि बताए मोदी सरकार : सोनिया

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर इस फैसले को मोदी सरकार का बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला करार दिया और सवाल किया कि उसे बताना चाहिए इस निर्णय से देश को क्या हासिल हुआ है। श्रीमती गांधी ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि नोटबंदी के लाभ को लेकर जो दावे किए गए थे उनको खुद भारतीय रिजर्व बैंक ने बाद में गलत करार दिया है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी भी शायद इसे बेतुका फैसला मान चुके थे,
  • इसलिए 2017 के बाद उन्होंने इस बारे में टिप्पणी करना बंद कर दिया था।
  • उन्होंने कहा कि शायद मोदी, उनके सहयोगियों और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी बाद में समझ लिया था
  • कि यह फैसला गलत था, इसीलिए उन्होंने इस बारे में कुछ भी बोलना बंद कर दिया था।

नोटबंदी से 27 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का दावा

देश में नोटबंदी के असर पर किताब लिखने वाले प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा है कि मोदी सरकार के इस फैसले से गत तीन वर्षों के दौरान देश को 27 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में 45 प्रतिशत योगदान असंगठित क्षेत्र करता है और इस नोटबंदी की मार सबसे अधिक असंगठित क्षेत्र पर पड़ी और कई कंपनियां बंद हुई एवं लोग बेरोजगार हुए तथा देश का सकल घरेलू उत्पाद भी नीचे चला गया।

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करे।