श्रीनगर (एजेंसी)। पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए वीरवार सुबह तीर्थयात्री कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुए। आधार शिविरों से रवाना हुए विभिन्न काफिलों में कम से कम 10,000 श्रद्धालु शामिल हैं। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद वार्षिक अमरनाथ यात्रा आज सुबह नुनवान और बालटाल से शुरू हुई।गंदेरवाल से एक अधिकारी ने बताया, दर्शनार्थियों का एक काफिला दर्शन के लिए सुबह लगभग 11 बजे मंदिर की ओर जाने वाले सबसे छोटे मार्ग बालटाल से होकर रवाना हुआ।
इसमें अधिकतम 6,823 श्रद्धालु थे, जिनमें 1,293 महिलाएं, 48 बच्चे और 98 साधू थे। उन्होंने कहा कि 43 दिवसीय इस वार्षिक यात्रा के लिए लगभग 2,750 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पहलगाम में नुनवान आधार शिविर से रवाना हुए। उपायुक्त परयुष सिंगला ने आधार शिविर से 2,750 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। सिंगला ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रयास यह है कि तीर्थयात्री सुरक्षित महसूस करें और शांतिपूर्वक तीर्थ यात्रा करें।’
अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण सम्पन्न होगी: मनोज सिन्हा
केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि अमरनाथ बाबा के आशीर्वाद से अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न होगी। कोविड महामारी के दो साल से बाद गुरुवार को तीर्थ यात्रियों का पहला जत्था पहलगाम स्थित पारंपरिक नुनवान आधार शिविर से रवाना हुआ। यह दल हिमालय में गुफा मंदिर की ओर सबसे छोटे मार्ग बालटाल शिविर की ओर जायेगा।
सिन्हा ने मीडियाकर्मियों से कहा कि बाबा अमरनाथ जी के आशीर्वाद से यात्रा सफल और शांतिपूर्ण होगी। देश भर से तीर्थयात्री आए हैं और उनका दृढ़ विश्वास है कि अमरनाथ गुफा में दर्शन करने के बाद हर तीर्थयात्री खुश होकर लौटेगा और उम्मीद है कि सभी की प्रार्थना स्वीकार की जाएगी। साथ ही, बताया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूरे देश के विकास, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है।
अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter, Instagram, LinkedIn , YouTube पर फॉलो करें।