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तीन देशों की यात्रा से लौटे पीएम, कूटनीतिक तौर पर अहम रहा दौरा

नई दिल्ली, sach kahoon प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और फ्रांस की यात्रा से मंगलवार को भारत लौट आए। पीएम मोदी इस देशों के दौरे पर गुरुवार 22 अगस्त को रवाना हुए थे। इस दौरान उन्होंने फ्रांस के बियारिट्ज शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।

कूटनीतिक तौर पर काफी अहम रहा दौरा

कूटनीतिक तौर पर भारत के लिए पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम रहा। एक तरफ जहां यूएई और बहरीन में सम्मान मिला, वहीं दूसरी ओर फ्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान पूरी दुनिया के सामने उन्होंने कश्मीर पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा।

ऑर्डर ऑफ जायद सम्मान से सम्मानित

पीएम मोदी को इस दौरान यूएई की अपनी द्विपक्षीय यात्रा पर ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ भी प्रदान किया गया था। यूएई के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम मोदी को यहां यूएई के सर्वोच्च नागरिक सम्‍मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्‍मानित किया गया। इस सम्मान की घोषणा इसी साल अप्रैल में हुई थी। पीएम मोदी को सम्मान देने का मकसद भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देना है। यह सम्मान दुबई के संस्थापक शेख जाएद बिन सुल्तान अल नाहयान के नाम पर रखा गया है।

बहरीन में मैं द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनसां से सम्मानित

पीएम मोदी इसके बाद बहरीन गए। यहां उन्हें मैं द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनसां से सम्मानित से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी से पहले भारत का कोई भी प्रधानमंत्री अब तक बहरीन के दौरे पर नहीं गया था। इस दौरान उन्होंने बहरीन नेशनल स्टेडियम में एक कार्यक्रम में 15 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष, संस्कृति, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और रुपे कार्ड (RuPay Card) से संबंधित करार हुए।

मुस्लिम देशों से सम्मान पाकिस्तान को करारा तमाचा

पीएम मोदी के इन दो मुस्लिम देशों से मिला सम्मान पाकिस्तान के मुंह पर करारा तमाचा है। पीएम को दोनों देशों ने तब सम्मानित किया, जब भारत के खिलाफ कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल तैयार करने के लिए दिन-रात एक किए हुए है। इससे साबित होता है कि पाकिस्तान विश्व समुदाय में खासकर इस्लामी राष्ट्रों के बीच एक के बाद एक असफल प्रयास कर रहा है। यही नहीं पीएम मोदी को मिले ये सम्मान बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के प्रयास में भारत सफल हो गया है।

फ्रांस का अहम दौरा

इस दौरे पर पीएम मोदी का आखिरी पड़ाव फ्रांस रहा। यहां पीएम मोदी को जी-7 समिट में शिरकत की। खासबात ये है कि भारत विकसित देशों के इस समूह का हिस्सा नहीं है। मेजबान देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के न्योता पर पीएम मोदी ने इस समिट में हिस्सा लिया। इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित डिनर में पीएम मोदी मेहमान बनकर पहुंचे। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात हुई। इस दौरान उन्होंने ट्रंप को दो टूक जवाब देते हुए कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा बताया।

मैंक्रो ने कहा- कश्मीर भारत का आंतरिक मामला

तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी पेरिस गए। यहां उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे बातचीत चली। इसके के बाद दोनों ने नेताओं ने साझा प्रेस कांफ्रेंस की। राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने संबोधन में पुलवामा हमले की निंदा की और फिर कहा कि कश्मीर मसला भारत और पाक के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है। दोनों देशों को बातचीत के जरिए आपसी मतभेदों को दूर करना चाहिए। मैक्रों ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को भारत का आंतरिक मामला बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस के सहयोग की सराहना की।

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