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राजस्थान

‘सरकारी योजनाओं का महिलाएं उठाएं लाभ’

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 23 स्वयं सहायता समूहों को 20.80 लाख के स्वीकृति पत्र वितरित

  • जिला स्तरीय क्रेडिट कैम्प का आयोजन

श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् के तत्वाधान में कार्यालय प्रांगण में जिला स्तरीय क्रेडिट कैम्प का आयोजन जिला परिषद् सीईओ विश्राम मीणा की अध्यक्षता में किया गया। जिला स्तरीय क्रेडिट कैम्प के दौरान विश्राम मीणा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद्, यशपाल आहुजा उपखण्ड अधिकारी, जसपाल भट्टी अग्रणी जिला प्रबन्धक, निदेशक आरसेटी एवं जिला परियोजना प्रबन्धक द्वारा स्वयं सहायता समूहों को आरसेटी द्वारा प्रशिक्षण उपरान्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र व आजीविका संवर्द्धन राशि प्राप्त लाभार्थी को सिलाई मशीन वितरित की गई। बैंकों द्वारा 12 स्वयं सहायता समूहों को 12.80 लाख राशि के बैंकर्स चैक मौके पर वितरित किए गए। 23 स्वयं सहायता समूहों को 20.82 लाख के स्वीकृति पत्र वितरित किए।

जिला परिषद् द्वारा महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत 45 परिवारों को कैटल शैड निर्माण हेतु 36 लाख की स्वीकृति कर स्वीकृति पत्र वितरित किए। विश्राम मीणा द्वारा 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया। स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादित वस्तुओं की लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। विश्राम मीणा ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं आजीविका संवर्द्धन राशि के द्वारा गाय, भैंस, परचून की दुकान, सिलाई मशीन, मनियारी दुकान, कपड़े की दुकान कर अपने परिवार का आर्थिक रूप से सहयोग कर रही हैं। राजीविका परियोजना के द्वारा ग्रामीण महिलाओं को बचत करने एवं उनके आर्थिक रूप से उत्थान किया जा रहा है।

अपना खेत अपना काम योजनान्तर्गत कैटल शैड इत्यादि का निर्माण करवाने हेतु महिलाएं अधिक से अधिक फार्म भरकर लाभ उठाएं। यशपाल आहुजा उपखण्ड अधिकारी ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ महिलाओं को अधिक से अधिक लेना चाहिए, ताकि देश के आर्थिक व सामाजिक विकास में सहभागीदार बन सके।

राशि का करें सदुपयोग

जसपाल भट्टी, अग्रणी जिला प्रबन्धक ने बैंकर्स द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का ऋण वितरित करने हेतु कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऋण राशि से अपने बेहतर जीवनयापन करने हेतु व आजीविका चलाने हेतु उक्त राशि का सदुपयोग करना चाहिए। राजेंद्र कुमार सहू निदेशक आरसेटी ने स्वयं सहायता समूह के सदस्यगणों व उनके बेरोजगार बच्चों को आरसेटी के अन्तर्गत प्रशिक्षण हेतु प्रेरित किया, ताकि भविष्य में प्रशिक्षण उपरान्त स्वयं रोजगार शुरू कर सके।

प्रेम सिंह राठौड़ जिला परियोजना प्रबन्धक द्वारा आगन्तुकों का धन्यवाद करते हुए विभाग की योजना एवं प्रगति से अवगत करवाया गया। इस अवसर पर सेतु परमार सेठी जिला प्रबन्धक आरएसएलडीसी, विजय कुमार मुख्य प्रबन्धक आरएमजीबी, नीरज मिश्रा आईसीआईसीआई बैंक अधिकारी, राजीविका स्टॉफ जिला प्रबन्धक महेन्द्रपाल, चंद्रशेखर आत्माराम कुमावत ने अपने विचार प्रकट किए। मंच संचालन चंद्रशेखर जिला प्रबन्धक द्वारा किया गया।

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