दिल्ली एनसीआर

क्या आधार से रूक जाएंगे फर्जी पैन और राशन कार्ड?

सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्यता पर उठाया सवाल

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के केन्द्र सरकार के तर्क पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को कहा कि क्या इससे फर्जी पैन और राशन कार्ड पर रोक लग सकेगी। न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की खंडपीठ ने कहा कि क्या यह लोगों को जबरन आधार कार्ड बनाने के लिए कहना नहीं है और क्या इससे समस्या का समाधान हो जाएगा?

एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायालय से कहा कि बड़ी संख्या में फर्जी पैन कार्ड और राशन कार्ड बन गए हैं, जिनसे वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की जा रही है। न्यायालय केरल के पूर्व मंत्री विनय विश्वम की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें आयकर अधिनियम में धारा 139 ए ए जोड़े जाने की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

बुधवार को होगी अगली सुनवाई

यह धारा वित्त अधिनियम, 2017 के माध्यम से आयकर अधिनियम में शामिल की गई है। रोहतगी ने स्पष्ट किया कि आधार को कानून के जरिये अनिवार्य बनाया गया है। न्यायालय ने पूछा कि क्या संविधान पीठ ने सरकार को तब तक आधार को पूरी तरह स्वैच्छिक रखने को कहा है, जब तक वह इस बात का निर्णय नहीं ले लेता कि आधार से निजता के अधिकार का उल्लंघन तो नहीं होता है।

इस पर रोहतगी ने कहा कि न्यायालय ने पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए कुछ क्षेत्रों में आधार को स्वयं अनिवार्य बनाने पर सहमति दी थी। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने ही हाल में आदेश दिया था कि सिम कार्ड खरीदने के लिए आधार को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। रोहतगी ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 139 ए के तहत पैन जारी करना अनिवार्य है और आधार को इससे सिर्फ जोड़ा जा रहा है। न्यायालय इस मामले की अंतिम सुनवाई अगले बुधवार को करेगा।

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