फीचर्स

…तो गर्मी में नहीं फटकेगी बीमारी

Scorched, Heat, Weather, Summer, Health, Dr. Shikha Sharma

गर्म मौसम में इस तरह रखें खानपान का ख्याल

चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के मौसम गर्मी में आपकी कार्यक्षमता पर तो बुरा असर पड़ता ही है, अपने ऊपर अधिक ध्यान देने की भी जरूरत होती है। खासकर खानपान का तो इस मौसम में विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। अपने खानपान का ख्याल कैसे रखें, बता रही हैं हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट डॉ. शिखा शर्मा।

गर्मी के इस मौसम में अगर पर्याप्त ध्यान न दिया जाए तो तरह-तरह की मुश्किलें सामने आ सकती हैं। शरीर से अत्यधिक मात्रा में पसीना निकलने से जहां डीहाइड्रेशन की समस्या परेशान करती है, वहीं गंदगी भी कई बीमारियों की वजह बनती है। ऐसे में खाने-पीने का खास ख्याल रखा जाए तो शरीर के कमजोर होने और बीमारी पास आने की आशंका काफी कम हो जाती है। दूसरी तरफ खाने-पीने में लापरवाही और कुछ अन्य जरूरी बातों का ध्यान न रखने पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पानी अधिक लें, चाय छोड़ें: इस मौसम में शरीर में पानी का स्तर ठीक रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए यह भी जानना जरूरी है कि कौन-सा पेय पदार्थ लें और कौन-सा नहीं। ऐसे पेय पदार्थ लेने से बचें, जो पेट में गैस पैदा करते हैं। खासकर चाय का सेवन बहुत कम कर दें। अगर संभव हो तो चाय छोड़ ही दें या दो कप से ज्यादा न लें, क्योंकि यह आपके पाचनतंत्र को बिगाड़ती है।

नारियल पानी है अमृत: नारियल पानी इस मौसम में काफी मिलता है और यह इस मौसम में सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी होता है। इस मौसम में जौ भी काफी फायदेमंद साबित होती है। इसे दही में डाल कर सत्तू के रूप में भी खा सकते हैं या इसे उबाल कर टमाटर, खीरा, मिर्च, हरी चटनी, नमक आदि मिला कर भी खाया जा सकता है। रोटी में भी जौ के आटे का इस्तेमाल करें। गेहूं और जौ का आटा बराबर मात्रा में मिलाकर रोटी बनाएं। इस मौसम में यह शरीर को ठंडा भी रखेगी और पेट भी ठीक रहेगा।

चना जो आपको रखे ठंडा: चने को भी डाइट में प्रमुखता से शामिल करें। काला और हरा चना दोनों ही इस मौसम में ज्यादा खाना चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। इससे पेट नहीं फूलता और भूख भी शांत हो जाती है।

मौसमी फलों को दें तरजीह: फलों में मौसमी, तरबूज, खरबूजा आदि इस मौसम में काफी फायदेमंद होते हैं। पित्त की समस्या है तो खीरे और लौकी के रस को बराबर मात्रा में मिला कर उसमें सेंधा नमक या लवण भास्कर आयुर्वेदिक चूर्ण डाल कर पी जाएं। यह गैस को नियंत्रित रखता है और पाचन क्षमता को भी बेहतर बनाता है।

सलाद और चाट में भी सादे नमक की बजाय इन्हीं का इस्तेमाल करें। यह आम का भी मौसम है, लेकिन आम को खाने में थोड़ी सावधानी बरतें। खाने से पहले आम को दो घंटे के लिए पानी में रखें, फिर उसका इस्तेमाल करें।

धनिया, पुदीना और प्याज भी जरूरी: इस मौसम में हरी चटनियों का सेवन कर सकते हैं। धनिया, पुदीना, आंवला, प्याज आदि की चटनी बना कर खाने के साथ खाएं। यह आपके खाने का स्वाद भी बढ़ाती है और मौसम के अनुरूप भी है।

कामकाजी हैं तो..: कामकाजी लोग खाली पेट घर से बिल्कुल न निकलें, क्योंकि इससे लू लगने की आशंका बढ़ जाती है। कामकाजी महिलाएं लंच में सलाद ज्यादा लें तो बेहतर है। नाश्ता करके ही घर से निकलें।

बच्चों का रखें खास ख्याल: बच्चों को इस मौसम में ऐसी चीजें न दें, जो जल्दी खराब हो जाती हैं। नूडल्स आदि पर रोक लगाएं। नींबू पानी नियमित रूप से दें। बच्चा खाना वापस ला रहा है तो उसे चावल और जौ की चीजें दे सकते हैं।

खाली पेट घर से कभी न निकलें: इस मौसम में आप लू की चपेट में आ सकते हैं। इससे बचने के लिए सुबह बिना कुछ खाए घर से न निकलें।

गर्मियों में ऐसा हो आपका डाईट प्लान

सुबह का नाश्ता?: सुबह का नाश्ता इस मौसम में बहुत जरूरी है, इसलिए इसे कभी भी मिस न करें। नाश्ते में आप तरल पदार्थों को तरजीह दें। नारियल पानी, फल आदि को प्रमुखता से शामिल कर सकते हैं। पोहे को भी नाश्ते में सर्व किया जा सकता है।

दोपहर का खाना कैसा हो? : दोपहर में अगर ज्यादा भूख नहीं है तो काले चने की चाट बना सकते हैं, जिसे घर में बनाना बेहतर है। हरे चने की चाट भी खाई जा सकती है। अगर ज्यादा भूख है तो रोटी, सब्जी, रायता, लस्सी, छाछ और हरी सब्जियों को खाने में शामिल करें।

दही का सेवन कई रूप में किया जा सकता है। गोभी इस मौसम में कम खाएं, क्योंकि ये इस मौसम की सब्जी नहीं है। इस मौसम की सब्जियों में बीन्स, पालक, सेम की फली, बैंगन आदि का उपयोग करें। लौकी को भी अलग-अलग तरह से बना सकते हैं।

शाम के नाश्ते में क्या लें: शाम को मुरमुरे, भेलपुरी खाना ठीक रहेगा। कभी-कभी सलाद भी ले सकते हैं। शाम को शरबत, ठंडाई आदि पी जा सकती है। खस, गुलाब आदि का शरबत भी अच्छा रहता है। नींबू पानी और छाछ तो फायदेमंद हैं ही।

रात के खाने को हल्का रखें: रात के खाने को हल्का रखें। इस समय सलाद और सब्जी ज्यादा खाएं। रोटी खाते हैं तो उसकी संख्या लंच से एक कम रखें। दूध की जरूरत गर्मियों में होती नहीं। नींद की समस्या है तो तो दूध पी सकते हैं, पर उसकी मात्र कम रखें और उसमें इलायची डाल लें। चाय-कॉफी का सेवन रात में बिल्कुल न करें।

बीपी की समस्या है तो: बीपी का खतरा इस मौसम में बढ़ जाता है। इसके अलावा मधुमेह के रोगियों में डिहाइड्रेशन होने की आशंका भी रहती है। ऐसे लोग खाने का समय निश्चित रखें और पानी व तरल पदार्थ समय-समय पर लेते रहें।

इस मौसम में खाना बिल्कुल न छोड़ें। मूंग की खिचड़ी ले सकते हैं। यह पेट के लिए काफी फायदेमंद रहती है। डायबिटिक हैं तो रात का खाना खाना कभी न भूलें और अपने डॉक्टर के निर्देशानुसार खाना-पीना, दवा आदि समय पर लेते रहें।

-सत्य सिंधु

…गोरा रंग काला ना पड़ जाए

गर्मियों की छुट्टियों में ठण्डे पहाड़ों तथा समुद्र के किनारे तटों पर परिवारजनों तथा मित्रों संबंधियों के संग वक्त गुुजरने का पता ही कहां चलता है। सर्दियों की कंपकंपाती ठण्ड के मौसम के बाद लोग गर्मियों को घूमने फिरने का पंसदीदा मौसम मानते हैं तथा मैदानी क्षेत्रों की भीषण गर्मी तथा लू से बचने के लिए बफीर्ले पहाड़ों तथा समुद्र तट की ओर रूख करते हैं।

अब जबकि गर्मियों में छुट्टियों का सीजन नजदीक पहुंच गया है तथा आप पहाड़ों तथा समुद्री तटों पर कुछ आरामदायक स्कून से भरे पल गुजारने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो इस बात का भी ध्यान रखिए कि सौंदर्य के लिहाज से गर्मियां हमारी त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हं

तथा समुद्री तटों तथा पहाड़ों की बर्फ के पारदर्शी सतहों पर सूर्य की किरणें मैदानी इलाकों की बजाय ज्यादा तेज होती हैं जिससे आपकी त्वचा में जलन, कालापन, सनबर्न तथा मुहांसों आदि जैसी सौंदर्य समस्याएं उग्र रूप धारण कर सकती हैं। सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि रेतीले समुद्री तटों तथा बर्फीले क्षेत्रों में गर्मियों के

मौसम में सूर्य की तेज किरणों की वजह से साफ-सुथरी त्वचा को कील मुंहासों की समस्या से रूबरू होना पड़ सकता है। उनका कहना है कि छुट्टियों पर जाने से पहले ही सूर्य की तेज किरणों से हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान के प्रभावी रोकथाम के उपाय करने चाहिए ताकि सौंदर्य के हिसाब से छुट्टियां दुखद अनुभव की यादगार न बन जाए।

क्या कहते है सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन

सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि आप कुछ सौंदर्य सावधानियां बरत कर अपनी छुट्टियों का भरपूर आनन्द उठा सकती हैं। गर्मियों में छुट्टियों की तैयारियां सौंदर्य सावधानियों से ही शुरू कीजिए। त्वचा की प्रतिरक्षा के लिए सनस्क्रीन लोशन अपने साथ जरूर ले लें। आप त्वचा की कालिख तथा सूर्य की किरणों में बचाव का प्रभावी सनस्क्रीन लोशन लें।

जब भी आप बाहर धूप में जा रहे हों तो जाने से 20 मिनट पहले चेहरे तथा शरीर के सभी खुले अंगों पर सनस्क्रीन का लेप जरूर कर लें। यदि आप धूप में एक घंटा या ज्यादा समय तक रहे तो सनस्क्रीन का दुबारा लेप कर लें। संवेदनशील तथा सनबर्न से प्रभावित त्वचा में 30 या ज्यादा एसपीएफ सनस्क्रीन का उपयोग करें।

गर्मियों में छुट्टियों के दौरान अपने सौंदर्य को बनाए रखने के लिए माइस्चराईजर, रिहाईडरेंट क्लींजर हैड क्रीम तथा होठों का वाम साथ रखना कतई न भूलें। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान तैलीय त्वचा को चमकाने तथा छिद्रों को साफ करने के लिए स्क्रब का अधिकतम उपयोग कीजिए। समुद्री तट पर खारे पानी में नहाने के बाद चेहरे को ताजे साफ पानी से धोएं।

जब भी आप वापिस अपने होटल के कमरे में पहुंचे तो चेहरे पर ठण्डे दूध की मालिश करके इसे कुछ समय तक छोड़ दें। इससे सनबर्न के प्रभाव को रोकने में मदद मिलेगी तथा चेहरे की त्वचा को ठंडक मिलेगी। इसके बाद चेहरे पर माइस्चराईजर लगाऐ। चेहरे की त्वचा के पोषण तथा पर्न:यौवन के लिए ‘पील आफ मास्क’ उपयोगी साबित होगा।

समुद्री पानी से नहाने से आपके बाल निर्जीव तथा उलझ सकते हैं। समुद्री पानी में नहाते समय सिर को कैप से ढ़कने से बालों को सूर्य की गर्मी तथा खारे पानी के नुकसान से प्रभावी तरीके से बचाया जा सकता है। समुद्र में नहाने से पहले अपने बालों को सामान्य ताजे पानी से अच्छी तरह धोइए। बालों के छिद्र खुले होते है

तथा बालों को धोने के बाद समुद्र में नहाने से बालों को नुकसान नहीं होगा क्योंकि बाल समुद्री पानी को कतई नहीं सोखेगे क्योंकि वह पहले ही ताजे पानी को सोख चुके है। समुद्री पानी में नहाने के बाद बालों को हल्के हर्बल शैम्पू से धो डालिए तथा शैम्पू के बाद बालों में कंडीशनर या हेयर सीरम का उपयोग कीजिए।

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top