हरियाणा

इंतजार में बैठे रहे छात्र, नहीं पहुंचे पेपर

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लापरवाही खंड शिक्षा अधिकारी बोले, विभाग की ओर से नहीं मिले पेपर

टोहाना(सुरेन्द्र समैण)। शिक्षा विभाग के दावों की उस समय पोल खुल गई जब सरकार स्कूल के बच्चे सुबह परीक्षा देने के लिए इंतजार में बैठे रहे, लेकिन विभाग के द्वारा पेपर नहीं भेजे गए। जानकारी के अनुसार इन दिनों सरकारी स्कूलों में छवीं, सातवीं, आठवीं, नौवीं व ग्यारहवीं की परीक्षाएं चल रही हैं।

वर्णनीय है कि इस बार निजी व सरकारी स्कूलों में परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र शिक्षा विभाग की ओर से भेजे जा रहे हैं, लेकिन विभाग के दावों की उस समय पोल खुल गई जब गांव ललौदा के सरकारी स्कूल में छठी कक्षा के बच्चे साढे आठ बजे परीक्षा देने के लिए बैठ गए लेकिन साढे नौ बजे तक भी पेपर नहीं मिला।

प्रिंसीपल सुनील बांसल ने बताया कि आठवीं का हिन्दी का पेपर नहीं मिला व सातवीं कक्षा का सांईस का पेपर नहीं मिला, जिसमें 35 बच्चे परीक्षा देने के लिए इंजतार करते रहे। इसी तरह कक्षा छठी का अंग्रेजी का पेपर भी नहीं मिला जिसके लिए काफी देर तक बच्चे इंतजार करते रहे।

परीक्षा हैड राजकुमार ने बताया कि जब वे प्रश्न पत्र लेने के लिए बीओ आफिस में गए तो वहां पश्न पत्र ही नहीं मिले। वहीं बीओ आफिस से उन्हें जवाब मिला कि आपके पेपर कोई और स्कूल वाले उठाकर ले गए।

क्या कहते हैं अधिकारी

इस बारे में टोहाना के शिक्षा विभाग से खंड अधिकारी रोशन ने बताया कि कई स्कूलों में ये समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से कम पश्न पत्र आए हंै जिसके कारण कुछ स्कूलों में पूरे प्रश्न पत्र नहीं पहुंच पाए और इस बारे में विभाग को लिखा गया है।

एक ही दिन में दो पेपर, असमंजस में छात्र

टोहाना। सरकारी स्कूल के ग्यारहवीं कक्षा के कुछ छात्राओं के लिए ग्यारहवीं की वार्षिक परीक्षा परेशानी का सबब बनी हुई है, जिसको लेकर छात्र-छात्राएं परेशान हैं। गांव ललौदा सहित कुछ अन्य गांवों के सरकारी स्कूल के ग्यारहवीं कक्षाओं के छात्र असमंजस की स्थिति में हैं, क्योंकि 18 मार्च व 20 मार्च को उनकी दसवीं की री-अपीयर की परीक्षा है और उसी दिन ग्याहरवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा है।

ग्यारहवीं के छात्रों ने लगाई शिक्षा मंत्री से गुहार

एक ही दिन होने वाली दो परीक्षाओं से छात्र परेशान हैं। छात्र व छात्राओं ने शिक्षामंत्री से मांग की है कि उनकी ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षा का समय बदला जाए, क्योंकि अगर दसवीं की री-अपीयर की परीक्षा समय पर न दे पाए तो उनके तीन वर्ष खराब हो जाएंगे। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी रोशनलाल ने कहा कि उन्होंने स्कूल के प्रिसिंपल को ग्यारहवीं कक्षा की 20 तारीख की परीक्षा सुबह जल्दी लेने के निर्देश दे दिए हैं, जिससे री-अपीयर वाले छात्र-छात्राएं ग्यारहवीं की परीक्षा सुबह जल्दी देकर दसवीं की री-अपीयर की परीक्षा समय पर दे सकेंगे।

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